Close Menu
The Bharat TimesThe Bharat Times
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

प्रशिक्षु DSP के गनमैन ने खुद को मारी गोली, हालत खतरे से बाहर

17/08/2026 - 8:36 PM

ऑनलाइन सट्टा ऐप का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार; ₹2 लाख का सामान जब्त

02/08/2026 - 12:58 AM

रायपुर में स्केटिंग का महाकुंभ: CBSE पूर्व क्षेत्रीय प्रतियोगिता आज से, 290 स्कूलों के 1200 खिलाड़ी दिखाएंगे दम

30/07/2026 - 9:01 PM
Facebook X (Twitter) Instagram
Tuesday, August 18
Facebook X (Twitter) Instagram
The Bharat TimesThe Bharat Times
Demo
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश
  • राजनीति
  • मेरा शहर
The Bharat TimesThe Bharat Times
Home»बिलासपुर»यात्रियों की नजर से दूर खुला गढ़कलेवा, नहीं मिली पहचान तो बंद करना पड़ा स्टॉल
बिलासपुर छत्तीसगढ़

यात्रियों की नजर से दूर खुला गढ़कलेवा, नहीं मिली पहचान तो बंद करना पड़ा स्टॉल

HD MAHANTBy HD MAHANT08/06/2026 - 9:35 AM
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर 8 जून 2026/ छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को बढ़ावा देने और स्थानीय महिला समूहों को रोजगार उपलब्ध कराने की महत्वाकांक्षी योजना के तहत बिलासपुर रेलवे स्टेशन में शुरू किया गया गढ़कलेवा स्टॉल आखिरकार बंद हो गया। स्टेशन परिसर में ऐसी जगह स्थापित किए जाने के कारण, जहां यात्रियों की नजर आसानी से नहीं पहुंचती थी, यह पहल अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकी। नतीजतन, स्टॉल का संचालन बंद करना पड़ा। रेलवे और राज्य शासन की संयुक्त पहल के तहत गढ़कलेवा का उद्देश्य यात्रियों को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति और खानपान से परिचित कराना था। इसके माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों को रोजगार भी उपलब्ध कराया गया था। लेकिन बेहतर योजना के अभाव और उपयुक्त स्थान का चयन नहीं होने से यह प्रयास अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाया।

छत्तीसगढ़ी स्वाद को देने की थी पहचान

गढ़कलेवा में फरा, चीला, अंगाकर रोटी, ठेठरी-खुरमी, बरा, चिला, पीड़िया, बोबरा, मुठिया, चौंसेला, भजिया सहित अनेक पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन उपलब्ध कराए जाते थे। उद्देश्य था कि प्रदेश से गुजरने वाले हजारों यात्री स्थानीय स्वाद का आनंद लें और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान से रूबरू हों।

प्लेटफॉर्म पर स्थान बना सबसे बड़ी बाधा

जानकारी के अनुसार स्टॉल को स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर ऐसे स्थान पर स्थापित किया गया था, जहां यात्रियों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम रहती थी। अधिकांश यात्री सीधे ट्रेन पकड़ने या बाहर निकलने में व्यस्त रहते थे, जिससे स्टॉल तक उनकी पहुंच नहीं बन पाती थी। पर्याप्त ग्राहकी नहीं मिलने से महिला समूह को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।

रोजगार की उम्मीद भी टूटी

See also  छ.ग. प्रखर पत्रकार महासंघ का विशाल स्वास्थ्य शिविर संपन्न, जुटे लोकतंत्र के पहरेदार

गढ़कलेवा के संचालन से कई महिलाओं को स्वरोजगार का अवसर मिला था। लेकिन लगातार कम बिक्री और घाटे के कारण महिला समूह को स्टॉल बंद करने का निर्णय लेना पड़ा। इससे उन महिलाओं की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी समाप्त हो गया।

बेहतर स्थान पर दोबारा शुरू करने की मांग

स्थानीय लोगों और यात्रियों का मानना है कि यदि गढ़कलेवा स्टॉल को स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार, प्रतीक्षालय या अधिक भीड़भाड़ वाले स्थान पर स्थापित किया जाए, तो इसे बेहतर प्रतिसाद मिल सकता है। इससे न केवल छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को पहचान मिलेगी, बल्कि महिला समूहों को भी स्थायी रोजगार उपलब्ध हो सकेगा।

संस्कृति और रोजगार से जुड़ी योजना पर पुनर्विचार जरूरी

गढ़कलेवा जैसी योजनाएं केवल खानपान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम भी हैं। ऐसे में रेलवे और संबंधित एजेंसियों को इस योजना के संचालन और स्थान चयन पर पुनर्विचार करते हुए इसे नए स्वरूप में फिर से शुरू करने की दिशा में पहल करनी चाहिए, ताकि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक स्वाद को देशभर के यात्रियों तक पहुंचाया जा सके।

WhatsApp पर शेयर करें
HD MAHANT
Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

Related Posts

प्रशिक्षु DSP के गनमैन ने खुद को मारी गोली, हालत खतरे से बाहर

17/08/2026 - 8:36 PM

ऑनलाइन सट्टा ऐप का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार; ₹2 लाख का सामान जब्त

02/08/2026 - 12:58 AM

रायपुर में स्केटिंग का महाकुंभ: CBSE पूर्व क्षेत्रीय प्रतियोगिता आज से, 290 स्कूलों के 1200 खिलाड़ी दिखाएंगे दम

30/07/2026 - 9:01 PM

40 साल से नहीं टूटा एक वादा! बिलासपुर के चुट्टू अवस्थी बने छत्तीसगढ़ के असली ‘संजू बाबा’

29/07/2026 - 11:52 AM

शोकाकुल परिवार के बीच पहुंचे डॉ. ललित मानिकपुरी, निभाया सामाजिक दायित्व

27/07/2026 - 1:25 AM

रायपुर में मानिकपुरी समाज का संगठन विस्तार, युवा चेहरे पर लगा भरोसे की मुहर

26/07/2026 - 8:43 PM
Leave A Reply Cancel Reply

पोस्ट

प्रशिक्षु DSP के गनमैन ने खुद को मारी गोली, हालत खतरे से बाहर

17/08/2026 - 8:36 PM

ऑनलाइन सट्टा ऐप का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार; ₹2 लाख का सामान जब्त

02/08/2026 - 12:58 AM

रायपुर में स्केटिंग का महाकुंभ: CBSE पूर्व क्षेत्रीय प्रतियोगिता आज से, 290 स्कूलों के 1200 खिलाड़ी दिखाएंगे दम

30/07/2026 - 9:01 PM

प्रथम सावन का महा रहस्य! हर प्राणी-पदार्थ में विराजते हैं सदाशिव, जानिए शिव पुराण दान और स्वाध्याय की दिव्य महिमा

30/07/2026 - 9:40 AM

एच. डी. महंत
मुख्य संपादक

Official Address :
Shop No. 2, Ground Floor, Gokul Apartment, Near Shyam Nagar Chowk, Shyam Nagar, Telibandha Raipur, Chhattisgarh – 492013

Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
UDYAM-CG-33-0000933
August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
« Jul    
© 2026 The Bharat Times. Designed by Nimble Technology.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.