अगली सुनवाई जुलाई में
बिलासपुर 7 मई 2026/ प्रदेश भर में होने वाले ध्वनि प्रदूषण मामले में जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान बुधवार को राज्य शासन ने बताया कि, आगामी 11 मई को रायपुर में अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में कोलाहल एक्ट के संशोधन को अंतिम रूप दिया जाएगा। जुलाई में मामले की अगली सुनवाई की जाएगी। इससे पूर्व की सुनवाई में हाईकोर्ट ने शासन से कहा था कि, आप एक साल से कोलाहल नियंत्रण एक्ट में संशोधन की बात कर रहे हैं, मगर इसे पूरा नहीं किया जा रहा है। इस पर एडिशनल चीफ सेक्रेटरी की ओर से 16 मार्च को एक जरूरी बैठक बुलाने की जानकारी दी गई गई थी। मालूम हो कि, रायपुर की नागरिक समिति ने डीजे और साउंड सिस्टम से होने वाले ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई थी। इस बीच मीडिया में लगातार खबरे आने पर हाईकोर्ट ने भी स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू की याचिकाकर्ताओं ने कहा कि मौजूदा कानून में सख्ती नहीं है, केवल 500 से 1,000 रुपए का जुर्माना लगाकर मामला खत्म कर दिया जाता है न तो उपकरण जब्त होते हैं और न ही कड़े नियम लागू किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि, जब तक कड़े प्रावधान नहीं होंगे, डीजे और साउंड बाक्स से होने वाला शोर प्रदूषण खत्म नहीं किया जा सकेगा। आज बुधवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई सुनवाई में कोलाहल एक्ट के सबंध में कोर्ट ने पूछा कि, अभी तक शासन किस नतीजे पर पहुंचा है। इस अधिनियम में आवश्यक बदलाव कब तक किये जायेंगे ताकि, वास्तविक तौर पर लोगों को भी इसका लाभ मिल सके। राज्य शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि, सरकार कोलाहल नियंत्रण अधिनियम में जो भी जरूरी प्रावधान हैं, उन पर विचार करते हुए इसे अंतिम स्वरूप दे रही है। इसके लिए आगामी 11 मई को रायपुर में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी की अगुआई में एक जरूरी बैठक होगी। इस बैठक में सभी सबंधित विभागों के प्राधिकारी संम्मिलित होंगे इसमें ही अधिनियम संशोधन को अंतिम रूप दिया जाएगा इसमें पुलिस मुख्यालय, आवास पर्यावरण, प्रदूषण नियंत्रण, विधि विधायी, नगरीय प्रशासन जैसे विभागों के शामिल होने की संभावना है।






