दंतेवाड़ा 17 मार्च 2026(आरएनएस)पत्रकार रौनक शिवहरे और परिवार के खिलाफ दंतेवाडा जिले के गीदम थाने में गलत धाराओं के साथ साथ एसटी एससी एक्ट के तहत दर्ज आपराधिक मामला एवं गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को दंतेवाड़ा में पत्रकारों ने मौन रहकर धरना दिया। इसके बाद कलेक्टर की गैरमौजूदगी में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए न्यायिक जांच की माँग की गई है। प्रेषित ज्ञापन में बताया गया है कि विगत 6 मार्च को दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिला के गीदम में निवासरत पत्रकार रौनक शिवहरे के घर के सामने एक ट्रैक्टर चालक ने पत्रकार की स्कूटी को टक्कर मारते हुए उनके पिताजी और उनकी दो साल की छोटी बच्ची पर ट्रैक्टर से दबाने की कोशिश की जिसमें दोनों बाल बाल बचे। इसकी जानकारी मिलने के बाद पत्रकार रौनक जब वहाँ पहुंचे तो वहा ट्रैक्टर चालक से हुई विवाद के बाद पत्रकार रौनक ने ने गीदम थाने में इसकी लिखित शिकायत दी, परन्तु थाना प्रभारी ने उक्त शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की, उल्टा ट्रैक्टर चालक एवं उनके सहयोगियों के दबाव में गीदम थाना प्रभारी ने रौनक एवं उनके माता पिता के खिलाफ
एसटी-एससी सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया। आरोपी के दबाव में पुलिस ने पत्रकार को बिना जांच के जेल भेज दिया। यह उचित नहीं है, क्योंकि इस बात के प्रमाण है कि पत्रकार और उसके माता पिता खिलाफ इन धाराओं के तहत मामला नहीं बनता। एक समूह के दबाव के आधार पत्रकार के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई से पूरे पत्रकारों में आक्रोश का माहौल है। इस संदर्भ में पत्रकारों की मांग है कि इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच करवा कर इस मामले की उचित विवेचना करवाई जाए। कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों ने दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव रॉय से मुलाकात की। पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए पत्रकारों की चिंताओं से अवगत करवाया। पुलिस अधीक्षक श्री रॉय ने पत्रकारों को आश्वस्त किया कि दंतेवाड़ा जिलें में बीते समय के पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेकर जाँच करवाई जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी पक्ष के दबाव में किसी के भी खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो इसे सुनिश्चित किया जाएगा।
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