बिलासपुर। सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक होता जा रहा है। क्षेत्र में संचालित कई फैक्ट्रयों में मानकों के विपरीत कम ऊंचाई की चिमनियां लगी हुई हैं, जिनसे जहरीला काला धुआं सीधे आसपास के इलाकों में फैल रहा है। इससे पर्यावरण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्पंज आयरन और स्टील प्लांट से निकलने वाला धुआं और धूल हवा को जहरीला बना रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, त्वचा रोग और अन्य बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि प्रदूषण के कारण सामान्य जीवन मुश्किल हो गया है। प्रदूषण का असर सिर्फ आबादी तक सीमित नहीं है बल्कि खेती भी प्रभावित हो रही है। सिरगिट्टी और आसपास के 15 से अधिक गांवों में खेतों पर काली राख की परत जम रही है जिससे फसलें खराब हो रही हैं। किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और पशुओं के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। स्थिति से आक्रोशित ग्रामीणों ने फैट्रियों के खिलाफ प्रदर्शन किया और प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को तत्काल बंद करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग पर भी लापरवाही का आरोप लगाया उनका कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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