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लोकगीत, कर्मा और ददरिया की धुनों से गूंजेगा बिलासपुर, 14 मार्च से शुरू होगा बिलासा महोत्सव..

बिलासपुर 8 मार्च 2026/न्यायधानी – संस्कारधानी बिलासपुर में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, कला और परंपराओं को मंच देने वाला 36वां बिलासा महोत्सव 14 और 15 मार्च को गोलबाजार स्थित लाल बहादुर शास्त्री स्कूल परिसर में आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन का संचालन शहर की प्रमुख सांस्कृतिक संस्था बिलासा कला मंच द्वारा किया जा रहा है, जो पिछले 37 वर्षों से प्रदेश की संस्कृति, साहित्य, कला और पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है।संस्था के संस्थापक डॉ. सोमनाथ यादव ने बताया कि लोककलाओं को प्रोत्साहन देने और कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हर वर्ष इस महोत्सव का आयोजन किया जाता है। पहले यह कार्यक्रम तीन दिनों तक आयोजित होता था, लेकिन अब इसे दो दिन का किया गया है।पहले दिन 14 मार्च को शाम 7 बजे कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इस अवसर पर रायपुर के लोक कलाकार गौतम चौबे और उनकी टीम छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति से जुड़े ददरिया और नाचा की प्रस्तुति देंगे। इसके बाद राजनांदगांव की लोकगायिका हिमानी वासनिक और उनकी टीम द्वारा भरथरी गायन प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं बिलासपुर के लोक कलाकार रामावतार चंद्राकर और उनके साथी कलाकार छत्तीसगढ़ी गीत-संगीत और नृत्य की रंगारंग प्रस्तुति देंगे। साथ ही वीएम स्कूल सिरगिट्टी के बच्चों द्वारा समूह नृत्य भी प्रस्तुत किया जाएगा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव करेंगे, जबकि डॉ. रजनीश पांडेय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।इस अवसर पर लोकगायिका हिमानी वासनिक को बिलासा लोककला सम्मान, वरिष्ठ साहित्यकार नंदराम यादव (मुंगेली) को बिलासा साहित्य सम्मान तथा समाजसेवी ईश्वर श्रीवास (जोंधरा) को बिलासा सेवा सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही शहर के ख्यातिप्राप्त लेखक-पत्रकार सुरेश सिंह बैस की पुस्तक “बोलती परछाइयां” का विमोचन भी किया जाएगा।
महोत्सव का समापन 15 मार्च को शाम 7 बजे होगा। इस दिन बालोद के लोक कलाकार संजू सेन और उनकी टीम 50 से अधिक वाद्ययंत्रों के साथ लोकसंगीत की विशेष प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा सुप्रसिद्ध लोकगायिका रेखा देवार अपनी मंडली के साथ देवार कर्मा नृत्य प्रस्तुत करेंगी। रायपुर की लोक कलाकार प्रभा कटारे और उनकी 25 सदस्यीय टीम द्वारा बारहमासी गीत-संगीत और आदिवासी नृत्य का मंचन किया जाएगा। साथ ही लिमहागढ़ के कलाकारों द्वारा भी आदिवासी करमा नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। दूसरे दिन समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला करेंगे, जबकि गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।इस दौरान लोकगायिका मंजू श्रीवास (रायपुर) को बिलासा लोककला सम्मान, वरिष्ठ साहित्यकार बसंत साव (रायगढ़) को बिलासा साहित्य सम्मान और समाजसेवी चंचल सलुजा (अध्यक्ष, स्वयंसिद्धा फाउंडेशन, बिलासपुर) को बिलासा सेवा सम्मान प्रदान किया जाएगा। साथ ही बिलासा कला मंच के अध्यक्ष महेश श्रीवास द्वारा लिखित यात्रा संस्मरण “अरपा से अलास्का तक” का विमोचन भी किया जाएगा।

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