बिलासपुर 17 अप्रैल (आरएनएस) भीषण गर्मी और तेज लू के बीच यातायात पुलिस ने आम नागरिकों को राहत देने के लिए संवेदनशील पहल की है। शहर में 17 अप्रैल 2026 से रोजाना दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सभी प्रमुख चौक-चौराहों के ट्रैफिक सिग्नल अस्थायी रूप से बंद रखे जाएंगे। यरअसल, तेज धूप में सिग्नल पर खड़े रहने के दौरान महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि लोगों को लू और गर्मी से बचाया जा सके। एसएसपी रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे की निगरानी में यह व्यवस्था लागू होगी। इस दौरान ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए चौक-चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहेगा यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सिग्नल बंद होने के बावजूद नियमों का पालन करें और सड़क पार करने वालों को प्राथमिकता दें। साथ ही, गर्मी से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह भी दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या से बच्चा जा सके। प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी के कारण लोगो को झुलसना पड़ रहा है। अचानक से हुए मौसम के बदलाव में लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। तपती गर्मी और चुभती गमीं ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हर साल की तरह इस साल भी भयंकर गर्मी ने अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया है। देखा जाए तो पिछले तीन साल से पारा 42 डिग्री से ऊपर जा रहा है जिसके कारण लोगो का हाल बेहाल हो गया है। और भीषण गर्मी पड़ने से पशु पक्षी और जानवरों की भी मौत होनी शुरू हो जाती है। दरअसल छत्तीसगढ़ में सूरज के तेवर अब साफ दिखने लगे हैं। बिलासपुर समेत रायपुर और दुर्ग संभाग में भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है। और अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बिलासपुर में गुरुवार का तापमान 35.5 डिग्री दर्ज किया गया। आंशिक बादल के बावजूद उमस और गर्म हवाओं से लोग परेशान हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। 14 अप्रैल से कई इलाकों में तापमान सामान्य से ज्यादा रहेगा। बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग में पारा 42 डिग्री सेल्सियस के ऊपर जा सकता है। लगातार बढ़ती गर्मी के बीच कुछ जगहों पर लू चलने की भीचेतावनी जारी की गई है। 17 अप्रैल को बिलासपुर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। इसमें मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ओडिशा से मन्नार की खाड़ी तक एक ट्रफ सक्रिय है. जो दक्षिण छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रहा है। यही मौमस तंत्र पूरे राज्य के मौसम को प्रभावित कर रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को खास सावधानी बरतने को कहा है कि वेपहर में धूप से बचें और ज्यादा से ज्याय पानी पिएं। अगले दो दिन प्रदेश में मौसम गर्म रहेगा।
कैमरे और जवानों की भी रहेगी नजर
आमजनों को तपती धूप से राहत देने के लिए चार दोपहर घंटे तक सिग्नल को बंद रखा जाएगा इसके लिए लोगों को चौक पर सिग्नल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि लोग तीन सवारी, बिना नंबर की बाइक गड़िया और नियमों की अनदेखी करके गाड़ियों को चला बल्कि जवानों की नजर और खैसीटीवी की नजर से कोई नहीं बच पाएगा। इसमें माध्यम से भी वाहन चालकों पर कार्रवाई होगी, ताकि लोग नियमों का उल्लंघन न कर सके और ट्रैफिक सिग्नल को न तेड़े। इसके लिए पल पल की जानकारी सीसीटीवी के माध्यम से ली जएगी और शहर की बिगरानी सीसीटीवी से की जाएगी। जो नियमों की अबदेशी करेगा, उसके गाड़ियों के नम्बर के आधार पर नोटिस भेजा जाएगा।
डॉ. गिरी बोले- नवजात शिशु भीषण गर्मी का तापमान नियंत्रण नहीं कर पाते
चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ श्रीकांत गिरी का कहना है कि तपती गर्मी में सबसे ज्यादा तकलीफ छोटे नवजात शिशु को होता है। तापमान पर नियंत्रण नहीं हो पता है। जिनके घरों में एसी कूलर या अन्य ठंडी हवाएं देने वाली चीजें नहीं है तो उससे उनकी तकलीफ और ज्यादा बढ़ जाती है। इससे बच्चे शुष्क हो जाते है। बीमार पड़ने लगते है और दूध पीना बंद कर देते है, पानी की कमी होने लगती है। जिसके कारण बच्चों को पीलिया और अन्य बीमारियां पकड़ने लगती है। इससे ज्यादातर बच्चे बीमार होने लगते है। इसलिए नवजात शिशु है उनको बचाकर रखना ध्यान रखना बहुत जरूरी है।


