व्यापार विहार में सौंदर्य प्रसाधन, खाद्य सामग्री से लेकर सिगरेट-डिटर्जेंट तक फर्जी उत्पादों का नेटवर्क सक्रिय
सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर 27 अप्रैल 2026//शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र व्यापार विहार में नकली और मिलावटी सामान का कारोबार तेजी से फैलता नजर आ रहा है। सौंदर्य प्रसाधनों और खाद्य सामग्री के साथ-साथ अब दैनिक उपयोग की वस्तुओं जैसे डिटर्जेंट, गुटखा और सिगरेट में भी फर्जी उत्पादों की पैठ गहरी होने की शिकायतें सामने आई हैं। उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतों और प्रारंभिक जांच के संकेतों ने इस पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।
दिखावे की कार्रवाई, अंदरखाने बढ़ता खेल
सूत्रों के अनुसार, अब तक कई बार कार्रवाई की गई, लेकिन अधिकांश मामलों में यह केवल “दिखावे” तक सीमित रही। व्यापारियों के बीच यह चर्चा है कि छापेमारी और कार्रवाई का डर दिखाकर मोटी रकम वसूली जाती है, जबकि वास्तविक दोषियों पर ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं हो पाती। न तो किसी बड़े व्यापारी पर सख्त सजा हुई और न ही स्थायी रूप से दुकानों को सील किया गया। इससे नकली और असली के बीच का फर्क धुंधला होता जा रहा है।
पुराने मामलों से नहीं मिला सबक
पूर्व में की विभाग द्वारा किए गए जांच में सामने आए मामलों से स्पष्ट है कि पहले भी कई बार नकली उत्पाद पकड़े जा चुके हैं।

केस-1: नकली राजश्री गुटखा
बिहार से नकली गुटखा आने का मामला सामने आया था। उस समय कार्रवाई केवल औपचारिक रही, जिसके बाद फिर से बाजार में नकली गुटखा की बिक्री शुरू हो गई।
केस-2: डिटर्जेंट पाउडर भी जाली
नकली डिटर्जेंट का कारोबार भी व्यापार विहार में सक्रिय है। ऐसे उत्पाद असली जैसे पैकिंग में बेचे जाते हैं। एक बार खाद्य एवं औषधि विभाग ने कार्रवाई की थी, लेकिन उसका ठोस परिणाम सामने नहीं आ पाया।
केस-3: नकली सिगरेट का जखीरा
महाराणा प्रताप चौक स्थित एक दुकान से लाखों रुपये की नकली सिगरेट बरामद हुई थी। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद इसे भी केवल औपचारिक कदम माना गया। इन घटनाओं से साफ है कि कार्रवाई के बावजूद अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी है।
जांच तेज, कई दुकानें निगरानी में
हाल ही में खाद्य एवं औषधि विभाग ने व्यापार विहार की कई थोक दुकानों को निगरानी में लिया है। सौंदर्य प्रसाधनों और खाद्य उत्पादों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। प्रारंभिक जांच में कुछ उत्पाद मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं। अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़
विशेषज्ञों के अनुसार नकली सौंदर्य प्रसाधनों में हानिकारक रसायन हो सकते हैं, जिससे त्वचा रोग और एलर्जी का खतरा बढ़ता है। वहीं मिलावटी खाद्य सामग्री गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। यह केवल आर्थिक धोखाधड़ी नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।

ऐसे पहचानें नकली उत्पाद
@ पैकेजिंग में त्रुटियां या धुंधला प्रिंट
@ निर्माण तिथि या बैच नंबर का अभाव
@ बाजार से बेहद कम कीमत
उत्पाद से असामान्य गंध या गुणवत्ता में अंतर
@ उपभोक्ताओं को सतर्क रहने और संदिग्ध वस्तुओं की शिकायत करने की सलाह दी गई है।
सख्त कार्रवाई की चेतावनी
खाद्य नियंत्रक केके देवांगन ने कहा है कि जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यापारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग बड़े स्तर पर छापेमारी की तैयारी कर रहा है।
आगे की रणनीति
प्रशासन शिकायतों की सूची तैयार कर रहा है और अनुमति मिलते ही व्यापक अभियान चलाने की योजना है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार कार्रवाई केवल औपचारिक नहीं होगी, बल्कि दोषियों पर सख्ती से शिकंजा कसा जाएगा। व्यापार विहार जैसे बड़े बाजार में नकली सामान का फैलता जाल न केवल व्यापार की साख को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य और विश्वास पर भी गहरा असर डाल रहा है। अब जरूरत है दिखावे से आगे बढ़कर ठोस और निर्णायक कार्रवाई की।




