बिलासपुर। भीषण गर्मी के बीच शहर में पानी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। एक ओर कई वार्डों और मोहल्लों में लोगों को पेयजल के लिए घंटों टैंकरों के सामने लाइन लगानी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम की लापरवाही और टूटी पाइपलाइनों के कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है। शहर के अनेक इलाकों में नियमित जलापूर्ति नहीं होने से नागरिक परेशान हैं। कहीं मोटर खराब है तो कहीं पाइपलाइन फूटने से सप्लाई बाधित हो रही है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भीषण गर्मी में पानी के लिए जद्दोजहद करते नजर आ रहे हैं। कई स्थानों पर टैंकर आने के बाद पानी भरने को लेकर अफरा-तफरी और विवाद की स्थिति भी निर्मित हो रही है। विडंबना यह है कि जिन इलाकों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शहर की सड़कों और गलियों में पाइपलाइन लीकेज के कारण लगातार पानी बह रहा है। इससे न केवल पेयजल की भारी बर्बादी हो रही है, बल्कि सड़कों पर कीचड़ और गंदगी फैलने से राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा समय पर सुधार कार्य नहीं कराया जाता। जिम्मेदार अधिकारी अक्सर यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि लीकेज घरेलू कनेक्शन का है, मुख्य पाइपलाइन का नहीं। जबकि लोगों का आरोप है कि निगम प्रशासन समस्या के स्थायी समाधान की बजाय केवल औपचारिकता निभा रहा है।नेहरूनगर, मंगला, चिंगराजपारा सहित कई क्षेत्रों में लंबे समय से पाइपलाइन लीकेज की समस्या बनी हुई है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते पाइपलाइन की मरम्मत और जल प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में शहर में जल संकट और गहरा सकता है।शहरवासियों ने नगर निगम और जल विभाग से मांग की है कि जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करते हुए पाइपलाइन लीकेज पर तत्काल नियंत्रण किया जाए, ताकि एक ओर पानी की किल्लत से जूझ रहे लोगों को राहत मिल सके और दूसरी ओर अमूल्य जल की बर्बादी रोकी जा सके।






