सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर 15 जून 2026/ रेलवे स्टेशन पुनर्विकास और सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत शहर में लगभग 400 हरे-भरे पेड़ों की कटाई की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए रेलवे प्रशासन ने वन विभाग के पास करीब 44 लाख रुपये की राशि जमा करा दी है। हालांकि पेड़ों की कटाई के बाद उनके स्थान पर नए पौधे लगाए जाएंगे या नहीं, इस संबंध में अब तक कोई स्पष्ट निर्णय सामने नहीं आया है। जानकारी के अनुसार, बिलासपुर रेलवे स्टेशन को आधुनिक स्वरूप देने के लिए बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। इस परियोजना के तहत स्टेशन परिसर, व्यापार विहार क्षेत्र तथा आसपास की सड़कों का चौड़ीकरण किया जाना है। इसी कार्य के लिए करीब 400 पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन पुनर्विकास योजना के अंतर्गत यात्री सुविधाओं का विस्तार, पार्किंग व्यवस्था का विकास और यातायात दबाव को कम करने के लिए सड़क चौड़ीकरण आवश्यक है। नियमानुसार पेड़ों की कटाई से पहले वन विभाग के पास क्षतिपूरक राशि जमा कराई गई है।
पर्यावरण प्रेमियों में चिंता
शहर के पर्यावरणविदों और सामाजिक संगठनों ने इस निर्णय पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि बिलासपुर पहले ही हरित क्षेत्र में लगातार कमी का सामना कर रहा है। ऐसे में सैकड़ों पुराने और छायादार पेड़ों की कटाई से पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होगा। लोगों का सवाल है कि यदि पेड़ों की कटाई अपरिहार्य है तो उनके बदले कितने पौधे, कहां और कब लगाए जाएंगे, इसकी स्पष्ट कार्ययोजना सार्वजनिक की जानी चाहिए।
400 पेड़ों की कटाई की तैयारी; नए पौधों पर अब तक नहीं बना फैसला,
रेलवे क्षेत्र की हरियाली पर असर
तारबाहर चौक से रेलवे स्टेशन, इंदिरा सेतु मार्ग, पुराना बस स्टैंड क्षेत्र तथा स्टेशन से जुड़े कई मार्गों पर वर्षों पुराने वृक्ष मौजूद हैं, जो गर्मी के मौसम में राहगीरों को छाया और शहर को स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। प्रस्तावित कटाई के बाद इन क्षेत्रों की हरियाली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
नियमों के तहत होगी कार्रवाई
रेलवे प्रशासन का कहना है कि सभी कार्य वन एवं पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन करते हुए किए जाएंगे। वहीं वन विभाग की ओर से क्षतिपूरक वृक्षारोपण की प्रक्रिया तय की जाएगी। लेकिन फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कटने वाले 400 पेड़ों के बदले कितने नए पौधे लगाए जाएंगे और उनका संरक्षण कैसे सुनिश्चित किया जाएगा
बड़ा सवाल
रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण शहर के विकास के लिए जरूरी माना जा रहा है, लेकिन इसके साथ पर्यावरण संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ऐसे में शहरवासियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन कैसे स्थापित किया जाता है।






