सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। नगर सहित छत्तीसगढ़ में डीजल-पेट्रोल की भारी किल्लत के कारण आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। प्रदेश में संचालित ‘102 महतारी एक्सप्रेस’ और ‘1099 मुक्तांजलि वाहन सेवा’ के संचालन में गंभीर बाधा आ रही है। इस संकट को देखते हुए ‘कम्युनिटी एक्शन थ्रू मोटिवेशन प्रोग्राम’ (कैम्प) ने स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय, नवा रायपुर को एक पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि सभी जिला कलेक्टर्स को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं ताकि एंबुलेंस वाहनों को ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
संस्था “कैंप” द्वारा आपातकाल समय में निर्बाध सेवा की मांग
संस्था ‘कैम्प’ ने बताया कि उनकी फर्म प्रदेश में इन दोनों महत्वपूर्ण निःशुल्क वाहन सेवाओं का संचालन करती है। वर्तमान में बिलासपुर, मरवाही- पेंड्रा ,बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर और कोरिया जैसे जिलों में डीजल-पेट्रोल की भारी कमी है। कई ईंधन पंप संचालक बेहद सीमित मात्रा में डीजल दे रहे हैं, या फिर स्टॉक न होने के कारण वाहनों को लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। कोरबा जिले में भी इस समस्या के गहराने पर कंपनी ने स्वास्थ्य विभाग और जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
आपातकालीन सेवा पर बुरा असर
ईंधन के इस संकट का सीधा असर एंबुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम पर पड़ रहा है। कॉल आने के बाद मरीजों तक पहुँचने में एंबुलेंस को सामान्य से अधिक समय लग रहा है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि ‘102 महतारी एक्सप्रेस’ गर्भवती माताओं और नवजात शिशुओं को समय पर अस्पताल पहुँचाने का काम करती है, जबकि ‘1099 मुक्तांजलि सेवा’ मृत व्यक्तियों के पार्थिव शरीर को ससम्मान उनके घर तक पहुँचाती है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए ये दोनों सेवाएं जीवनरेखा के समान हैं, जहाँ ईंधन की कमी के कारण संकट और गहरा गया है।
आपातकालीन सेवाओं के साथ सामान्य जनों को भी भारी परेशानी
इस पेट्रोल-डीजल की किल्लत से केवल स्वास्थ्य सेवाएं ही नहीं, बल्कि आम नागरिक भी बेहाल हैं। छत्तीसगढ़ के कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन उपलब्ध न होने के कारण हाहाकार मचा हुआ है। उदाहरण के लिए, कोरबा से रायगढ़ एक पारिवारिक कार्यक्रम में गए एक परिवार को शक्ति क्षेत्र के 2-3 पेट्रोल पंपों पर चक्कर काटने के बाद भी ईंधन नहीं मिला, जिससे उन्हें भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद जब एक पंप पर पेट्रोल मिला, तब जाकर वे वापस कोरबा लौट सके। यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आम जनता के साथ-साथ आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह ठप हो सकती हैं।





