सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर। संस्कारधानी बिलासपुर अब तेजी से आधुनिक शहर के रूप में अपनी नई पहचान गढ़ रहा है। शहर में एक ओर जहां फोरलेन सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर आधुनिक और जनसुविधा आधारित भवनों का निर्माण भी तेजी से जारी है।
160 करोड़ की लागत से बन रहे फोरलेन मार्ग और आधुनिक भवन,
लगभग 160 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही ये परियोजनाएं आने वाले समय में बिलासपुर की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने वाली हैं।
यातायात से लेकर सौंदर्य तक होगा बड़ा बदलाव
लोक निर्माण विभाग द्वारा शहर के प्रमुख मार्गों को चौड़ा और व्यवस्थित बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। गांधी चौक से तारबाहर रोड तक आकर्षक फोरलेन सड़क लगभग तैयार हो चुकी है। इस सड़क के बनने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि शहर के मध्य क्षेत्र को आधुनिक स्वरूप भी मिलेगा। सड़क के दोनों ओर लगाए गए सुरक्षा रेलिंग और सौंदर्यीकरण कार्य इसे महानगरीय अहसास दे रहे हैं। इसी प्रकार नेहरू चौक से दयालबंद तक लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्रों में शामिल है, जहां प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। सड़क निर्माण के बाद ट्रैफिक दबाव कम होगा और दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है।
कोनी-मोपका फोरलेन बनेगा विकास का नया द्वार
कोनी से मोपका के बीच बनने वाली फोरलेन सड़क को शहर के विस्तार और विकास का नया आधार माना जा रहा है। लंबे समय से इस मार्ग की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। सड़क निर्माण से उस क्षेत्र में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को गति मिलेगी। साथ ही कोनी, मोपका, अशोक नगर और आसपास के क्षेत्रों का संपर्क शहर के मुख्य भाग से और मजबूत होगा। इसके अतिरिक्त कोनी से प्रकाश कॉलोनी होते हुए अशोक नगर पानी टंकी तक एक और फोरलेन सड़क निर्माण को भी स्वीकृति मिल चुकी है। इससे शहर के बाहरी क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा और भविष्य में बढ़ती आबादी के अनुरूप यातायात व्यवस्था मजबूत हो सकेगी।
आधुनिक न्यायालय भवन बनेगा गौरव का प्रतीक
शहर के बीचोंबीच निर्माणाधीन गरिमामय जिला न्यायालय भवन भी अब अंतिम चरणों में पहुंच चुका है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह भवन न्याय व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाएगा। विशाल परिसर, बेहतर पार्किंग और आधुनिक अधोसंरचना इसे प्रदेश के प्रमुख न्यायालय परिसरों में शामिल करेगी।
यातायात, सौंदर्य और विकास—तीनों को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद बिलासपुर में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और शहर का सौंदर्य भी निखरेगा। फोरलेन सड़कों से आवागमन तेज और सुरक्षित होगा, वहीं शहर में बढ़ती दुर्घटनाओं पर भी नियंत्रण लग सकेगा। बिलासपुर जिस गति से आधुनिक अधोसंरचना की ओर बढ़ रहा है, उससे आने वाले वर्षों में यह शहर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश के उभरते आधुनिक शहरों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की ओर अग्रसर दिखाई दे रहा है।





