दुर्ग 6 जून 2026/ जमीन खरीदने के लिए लाखों रुपये चुकाने के बाद जब खरीदार को अपनी ही खरीदी गई जमीन का अधिकार नहीं मिला, तब एक ऐसा कथित खेल सामने आया जिसने पूरे मामले को पुलिस जांच के दायरे में ला दिया। दुर्ग जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र में भूमि विक्रय के नाम पर 25 लाख 51 हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने चंदखुरी निवासी पिता-पुत्र के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है।
मामला मौजा चंदखुरी स्थित खसरा नंबर 1227/1, रकबा 0.0420 हेक्टेयर भूमि से जुड़ा है। शिकायतकर्ता के अनुसार उसने उक्त भूमि खरीदने के लिए कुल 25,51,000 रुपये बैंकिंग माध्यम से आरोपियों को भुगतान किए थे। राशि प्राप्त होने के बाद भूमि का पंजीकृत विक्रय पत्र भी निष्पादित किया गया, लेकिन नामांतरण प्रक्रिया शुरू होते ही विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि विक्रय के बाद आरोपियों ने ही राजस्व प्रक्रिया में आपत्ति लगाकर नामांतरण निरस्त करा दिया, जिससे शिकायतकर्ता को आर्थिक और कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस के अनुसार मामले में आरोपी गुपेन्द्र कुमार निर्मलकर, निवासी ग्राम चंदखुरी, जिला दुर्ग तथा उसके पुत्र खिलेन्द्र कुमार निर्मलकर, निवासी ग्राम चंदखुरी, जिला दुर्ग हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने भूमि संबंधी दस्तावेज, सहमति पत्र और अन्य अभिलेखों के आधार पर शिकायतकर्ता का विश्वास जीतकर विक्रय राशि प्राप्त की तथा बाद में नामांतरण प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न कर कथित रूप से नुकसान पहुंचाया। प्रारंभिक जांच में फर्जी दस्तावेजों और षड्यंत्रपूर्वक किए गए कृत्य के संकेत मिलने पर थाना पुलगांव पुलिस ने मामला दर्ज किया।
प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। जांच के लिए विक्रय पत्र, सहमति पत्र, इकरारनामा, बैंक लेन-देन संबंधी दस्तावेज और अन्य अभिलेख जब्त कर परीक्षण किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे दस्तावेजी रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। ग़ौरतलब है कि जमीन के सौदों में एक छोटी चूक भी लाखों का नुकसान करा सकती है, इसलिए हर दस्तावेज का सत्यापन ही सबसे बड़ा बचाव है।





