मंगली में चौथा राष्ट्रीय महा अधिवेशन, देशभर के प्रतिनिधियों की जुटान; सामाजिक संघर्ष के 26 योद्धाओं का होगा सम्मान
मंडला। मध्यप्रदेश के मंडला जिले के बिछिया तहसील अंतर्गत ग्राम मंगली में 11 अक्टूबर को पनिका-पनका समाज का चौथा राष्ट्रीय महा अधिवेशन आयोजित होने जा रहा है। वर्ष 1971 से जुड़े क्षेत्रीय प्रतिबंधों और अनुसूचित जनजाति (ST) अधिकारों की बहाली की मांग को लेकर आयोजित इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से समाज के पदाधिकारी, वरिष्ठजन, महंत, दीवान, महिला प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होने के लिए आमंत्रित किए गए हैं। सम्मेलन में सामाजिक एकजुटता, संगठन की मजबूती और अधिकारों की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा होगी।
1971 के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठाने की तैयारी
अखिल भारतीय पनिका-पनका समाज संगठन के राष्ट्रीय संयोजक एवं अध्यक्ष बिहारी दास मुरचले ने समाज के लोगों से सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है। आयोजकों के अनुसार, वर्ष 1971 में लागू क्षेत्रीय बंधन से जुड़े प्रावधानों को हटाने और समाज के अधिकारों की बहाली की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। सम्मेलन में इस मुद्दे पर समाज की मांगों, उपलब्ध दस्तावेजों और आगे की कानूनी एवं संगठनात्मक पहल पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि अनुसूचित जनजाति की सूची में किसी समुदाय की स्थिति और उससे जुड़े अधिकार संवैधानिक एवं कानूनी प्रावधानों के अधीन हैं। ऐसे में अधिकारों की बहाली की मांग को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए संबंधित सरकारी अधिसूचनाओं और दस्तावेजों का महत्व भी चर्चा का विषय रहेगा।
23 सामाजिक योद्धाओं का होगा सम्मान
राष्ट्रीय महा अधिवेशन के साथ समाज के संघर्षशील व्यक्तियों और वरिष्ठजनों के सम्मान का कार्यक्रम भी रखा गया है। आयोजकों की ओर से जारी सूची के अनुसार, सामाजिक संगठन को मजबूत करने, समाज को एकजुट करने और क्षेत्रीय बंधन से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने में योगदान देने वाले 23 व्यक्तियों को सम्मानित करने का प्रस्ताव है।
सम्मानित होने वालों में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों के समाजसेवी शामिल हैं। इनमें सुखमन दास मोंग्रे, धन सिंह परवार, ईश्वर दास लोरिया, नारायण दास टांडिया, सुमित महंत, एच डी महंत, किशन दास,डॉ. ललित मानिकपुरी, एस. दास महंत, चेतन महंत, सुंदर लाल राही और अन्य वरिष्ठजन के नाम शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार, सम्मान समारोह में शॉल, गुलदस्ता और 101 रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।
महंत, दीवान और महिला प्रतिनिधियों की भी रहेगी भागीदारी
आयोजन में सामाजिक और धार्मिक परंपराओं से जुड़े महंतों तथा दीवानों को भी आमंत्रित किया गया है। इसके साथ ही महिला पदाधिकारियों और युवा प्रतिनिधियों की भागीदारी पर जोर दिया गया है। संगठन का मानना है कि वरिष्ठजनों के अनुभव, युवाओं की सक्रियता और महिलाओं की सहभागिता से समाज की संगठनात्मक ताकत बढ़ेगी।
सम्मेलन में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश और असम सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल होकर सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे।
दोपहर 12 बजे से शुरू होगा सम्मेलन
आयोजन संबंधी आमंत्रण के अनुसार, कार्यक्रम 11 अक्टूबर 2026, रविवार को दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक ग्राम मंगली, तहसील बिछिया, जिला मंडला में आयोजित होगा। आमंत्रण में एसडीएम की अनुमति का क्रमांक 835/A.D.A./R-2/2026 तथा दिनांक 6 अक्टूबर 2026 दर्ज है।
राष्ट्रीय संयोजक एवं अध्यक्ष बिहारी दास मुरचले ने समाज के सभी पदाधिकारियों, वरिष्ठजनों, महंतों, दीवानों, युवाओं, महिला प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से समय पर पहुंचने की अपील की है।
आयोजकों के मुताबिक, इस महा अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य समाज को एक मंच पर लाना, संघर्ष में योगदान देने वालों का सम्मान करना और अधिकारों से जुड़ी मांगों को संगठित तरीके से आगे बढ़ाना है। अब सबकी नजर 11 अक्टूबर को होने वाले इस सम्मेलन पर रहेगी, जहां समाज के प्रतिनिधि अपनी आगामी रणनीति तय करने के लिए जुटेंगे।
कार्यक्रम की मुख्य जानकारी
कार्यक्रम: चौथा राष्ट्रीय महा अधिवेशन एवं सम्मान समारोह
दिनांक: 11 अक्टूबर 2026, रविवार
समय: दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक
स्थान: ग्राम मंगली, तहसील बिछिया, जिला मंडला, मध्यप्रदेश
प्रमुख आयोजक: बिहारी दास मुरचले राष्ट्रीय संयोजक एवं अध्यक्ष ,सुमित दास महंत,राष्ट्रीय सहसंयोजक अखिल भारतीय पनिका-पनका समाज संगठन




