कोरबा/पाली, 27 जुलाई 2026/ बाहर मूसलाधार बारिश थी, रास्ते कीचड़ से लथपथ थे, लेकिन सामाजिक दायित्व का भाव इन मुश्किलों से बड़ा साबित हुआ। पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कुटेलामुड़ा में जब स्वर्गीय लूरदास मानिकपुरी के अंतिम नहावन, चंदनपान और चलावा चौका का कार्यक्रम आयोजित हुआ, तब प्रांतीय मानिकपुरी पनिका समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ललित कुमार मानिकपुरी स्वयं वहां पहुंचकर शोकाकुल परिवार के साथ खड़े दिखाई दिए। यह केवल औपचारिक उपस्थिति नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और आत्मीयता का जीवंत संदेश था।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. ललित मानिकपुरी ने दिवंगत लूरदास मानिकपुरी को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “जन्म और मृत्यु प्रकृति का अटल सत्य है, लेकिन जीवन का वास्तविक मूल्य हमारे सत्कर्म और समाज के प्रति जिम्मेदारी से तय होता है।” उन्होंने सद्गुरु कबीर साहेब से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकग्रस्त परिवार को इस कठिन समय में संबल देने की प्रार्थना की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश का पूरा संगठन परिवार के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़ा रहेगा।
चंदनपान एवं चौका-आरती का धार्मिक अनुष्ठान क्षेत्र के विद्वान महंत और दीवानों के सान्निध्य में संपन्न हुआ। इसके बाद उपस्थित जनों को चौका का प्रसाद वितरित किया गया तथा सामूहिक भोजन-भंडारे का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में जिले और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, प्रबुद्धजन, परिजन और ग्रामीण शामिल हुए। सामाजिक सौहार्द और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच श्रद्धांजलि का यह आयोजन आत्मीयता का प्रतीक बन गया।
गौरतलब है कि स्वर्गीय लूरदास मानिकपुरी का 15 जुलाई 2026 को लगभग 65 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। वे सरल, मिलनसार और समाजसेवी प्रवृत्ति के व्यक्ति माने जाते थे। वे कोरबा जिले के सुप्रसिद्ध गिटार वादक रमेश दास महंत के श्वसुर तथा युवा समाजसेवी खिलावन दास महंत के पिता थे। बहरहाल, यह आयोजन केवल एक श्रद्धांजलि सभा नहीं रहा, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गया कि विपरीत परिस्थितियों में भी यदि संगठन परिवार की तरह साथ खड़ा हो, तो दुख का बोझ कुछ हल्का जरूर हो जाता है।








