रायपुर 29 सितंबर 2026/ सूचना के अधिकार को लेकर एक बार फिर जवाबदेही और पारदर्शिता का मुद्दा सामने आया है। अखिल भारतीय पनिका/पनका समाज के राष्ट्रीय संयोजक एवं अध्यक्ष बिहारी दास मुरचले, प्रांतीय मानिकपुरी पनिका समाज प्रदेश अध्यक्ष डॉ ललित मानिकपुरी और प्रदेश उपाध्यक्ष किशन मानिकपुरी ने RTI आवेदन पर अपेक्षित जानकारी नहीं मिलने और मिले जवाब को विधिसम्मत नहीं मानते हुए सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 19(1) के तहत प्रथम अपील प्रस्तुत की है।
प्रस्तुत दस्तावेज के अनुसार मुरचले ने 15 जुलाई 2026 को आदिमजाति विकास विभाग से संबंधित 8 बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। इनमें पनिका/पनका समाज से संबंधित शासन स्तर के दस्तावेज, नियमावली, प्रस्ताव, अनुमोदन पत्र और अन्य अभिलेखों से जुड़ी जानकारी शामिल होने का उल्लेख है। आवेदन के बाद 5 अगस्त 2026 को स्मरण पत्र भी दिया गया।
दस्तावेज में दर्ज जानकारी के मुताबिक संबंधित लोक सूचना अधिकारी की ओर से 13 अगस्त 2026 को जवाब दिया गया। हालांकि आवेदक का कहना है कि मांगी गई सूचनाओं के अनुरूप स्पष्ट एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसी को लेकर उन्होंने प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील दाखिल की है। अपील में RTI अधिनियम की धारा 19(1) का उल्लेख करते हुए मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
अब प्रथम अपीलीय अधिकारी के फैसले पर नजर
मामला अब आदिमजाति विकास विभाग, आयुक्त महानदी भवन, नवा रायपुर के प्रथम अपीलीय स्तर पर पहुंच गया है। दस्तावेज के अनुसार अपील में संबंधित अभिलेखों की जानकारी उपलब्ध कराने तथा सूचना न दिए जाने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि RTI कानून नागरिकों को सरकारी अभिलेखों और निर्णय प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का वैधानिक अधिकार देता है। अब देखना होगा कि प्रथम अपीलीय अधिकारी इस अपील पर क्या निर्णय लेते हैं और मांगी गई सूचनाएं आवेदक को उपलब्ध कराई जाती हैं या नहीं।
नोट: यह समाचार उपलब्ध कराए गए अपील संबंधी दस्तावेज के आधार पर तैयार किया गया है। विभाग की ओर से इस मामले में कोई अलग पक्ष/स्पष्टीकरण उपलब्ध हो तो उसे भी समाचार में शामिल किया जा सकता है।




