बिलासपुर 22 जून 2026/ बरतोरी और कड़ार सब स्टेशन को बिजली आपूर्ति करने वाले 33 केवी बरतोरी फीडर में तकनीकी खराबी आने से 60 से अधिक गांवों में लगभग 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। लंबे समय तक बिजली गुल रहने के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ा। प्रभावित क्षेत्रों के लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। जानकारी के अनुसार 19 जून की सुबह करीब 6 बजे 33 केवी बरतोरी फीडर में फॉल्ट आने से बरतोरी और कड़ार सब स्टेशन की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। इसके चलते कड़ार सब स्टेशन से जुड़े 50 से अधिक गांवों सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था प्रभावित रही। शाम करीब 5 बजे सुधार कार्य पूरा होने के बाद आपूर्ति बहाल की जा सकी।
समन्वय की कमी का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारियों के बीच लाइन रखरखाव और जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट समन्वय नहीं है, जिसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। उनका कहना है कि सिलपहरी से बरतोरी तक लगभग आठ किलोमीटर लंबी 33 केवी लाइन से बरतोरी और कड़ार दोनों सब स्टेशन जुड़े हैं, लेकिन रखरखाव में लापरवाही और समन्वय की कमी के कारण फीडर में बार-बार खराबी आती है।
वैकल्पिक फीडर के भरोसे व्यवस्था
ग्रामीणों के अनुसार बरतोरी सब स्टेशन को मूल रूप से सिलपहरी फीडर से बिजली मिलनी चाहिए, लेकिन लंबे समय से इसे उमरिया फीडर के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। उनका आरोप है कि यह अस्थायी व्यवस्था अब स्थायी रूप ले चुकी है, जिससे अन्य क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।
एबी स्वीच नहीं होने से बढ़ती है समस्या
सिलपहरी से बरतोरी तक करीब आठ किलोमीटर लंबे 33 केवी फीडर पर एक भी एबी स्वीच नहीं होने के कारण किसी भी स्थान पर फॉल्ट आने पर पूरे फीडर की बिजली बंद करनी पड़ती है। इससे एक साथ 60 से 70 गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो जाती है और सुधार कार्य पूरा होने तक लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीणों ने फीडर पर आवश्यक स्थानों पर एबी स्वीच लगाने और लाइन के आधुनिकीकरण की मांग की है।
इंसुलेटर खराब होने से आया फॉल्ट
चकरभाठा सब स्टेशन के जूनियर इंजीनियर अनुराग सोनी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद विभागीय टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया। जांच में बसिया चौक के पास एक इंसुलेटर खराब पाया गया, जिसे बदल दिया गया। इसके अलावा दो स्थानों पर बिजली लाइन से सटे पेड़ों की शाखाओं की कटाई भी की गई। आवश्यक मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद शाम को विद्युत आपूर्ति सामान्य कर दी गई।
स्थायी समाधान की मांग
बार-बार होने वाली बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने विभाग से फीडर की तकनीकी खामियों को दूर करने, पर्याप्त सुरक्षा उपकरण लगाने और रखरखाव व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में एक ही फॉल्ट से दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो।





