Close Menu
The Bharat TimesThe Bharat Times
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

सेवा भूमि विवाद में हाईकोर्ट का अहम आदेश, राजस्व अभिलेखों पर विवाद बरकरार

27/10/2026 - 10:12 PM

(विशेष लेख) शहीद गुंडाधुर की धरती से लिखी जा रही बस्तर में बदलाव की कहानी

26/10/2026 - 7:12 PM

श्री गुरु सिंघ सभा बसना की नई प्रबंधक कमेटी गठित, सर्वसम्मति से जसवंत सिंह सलूजा बने अध्यक्ष

26/10/2026 - 6:32 AM
Facebook X (Twitter) Instagram
Tuesday, October 27
Facebook X (Twitter) Instagram
The Bharat TimesThe Bharat Times
Demo
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश
  • राजनीति
  • मेरा शहर
The Bharat TimesThe Bharat Times
Home»महासमुंद»सेवा भूमि विवाद में हाईकोर्ट का अहम आदेश, राजस्व अभिलेखों पर विवाद बरकरार
महासमुंद बसना

सेवा भूमि विवाद में हाईकोर्ट का अहम आदेश, राजस्व अभिलेखों पर विवाद बरकरार

Basant Sahu Bureau ChiefBy Basant Sahu Bureau Chief27/10/2026 - 10:12 PM
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

रायतुम के कोटवार की पुनर्विलोकन याचिका सीमित सीमा तक स्वीकार, 25 जून के आदेश का पैरा 11 निष्प्रभावी; कुड़ेकेल में धमकी और कब्जे की कोशिश की शिकायत

महासमुंद/ बसना/ 27 अक्टूबर 2026/ ग्राम कोटवारों की सेवा भूमि के राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज करने और भूमि संबंधी अधिकारों को लेकर रायतुम एवं कुड़ेकेल में विवाद सामने आया है। रायतुम के कोटवार देवदास पिता बनऊ की पुनर्विलोकन याचिका पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के आदेश में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। न्यायालय ने पुनर्विलोकन याचिका को सीमित सीमा तक स्वीकार करते हुए 25 जून 2025 के पूर्व आदेश के पैरा 11 में जारी निर्देश को अनावश्यक करार दिया है। वहीं, कुड़ेकेल के कोटवार रनसाय भार पिता बरातू भार ने सेवा भूमि संबंधी अपील पर कार्रवाई नहीं होने के साथ ही परिवार के साथ कथित गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और घर-बाड़ी पर कब्जे की कोशिश किए जाने की शिकायत की है।

दोनों मामलों में पुराने राजस्व अभिलेखों, न्यायालयीन दस्तावेजों और संबंधित शिकायतों के आधार पर निष्पक्ष जांच तथा नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है। जहां रायतुम का मामला राजस्व आदेशों और न्यायालयीन कार्यवाही से जुड़ा है, वहीं कुड़ेकेल में सेवा भूमि के अभिलेखों में सुधार और कथित धमकी की शिकायत को लेकर कार्रवाई की मांग उठी है।

रायतुम मामला: पुनर्विलोकन याचिका सीमित सीमा तक स्वीकार

उपलब्ध न्यायालयीन दस्तावेजों के अनुसार, रायतुम निवासी देवदास पिता बनऊ ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में रिव्यू पिटीशन क्रमांक 358/2025 (REVP No. 358 of 2025) दायर की थी। यह याचिका रिट याचिका क्रमांक WP(C) 1742/2025 में 25 जून 2025 को पारित आदेश की समीक्षा से संबंधित थी। दस्तावेज के अनुसार, न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने 19 नवंबर 2025 को आदेश पारित किया।

See also  श्री गुरु सिंघ सभा बसना की नई प्रबंधक कमेटी गठित, सर्वसम्मति से जसवंत सिंह सलूजा बने अध्यक्ष

मामले की पृष्ठभूमि में विवादित भूमि के संबंध में नायब तहसीलदार द्वारा 14 जुलाई 2023 को पारित एकपक्षीय आदेश का उल्लेख है। इस आदेश के तहत पुनर्विलोकन याचिकाकर्ता का नाम दर्ज करने की अनुमति दी गई थी। इसके बाद उच्च न्यायालय ने रिट याचिका क्रमांक WP(C) 3764/2023 में 10 जून 2024 को उक्त आदेश को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के उल्लंघन के आधार पर निरस्त कर दिया था। मामले को दोनों पक्षों को सुनवाई का अवसर देकर नए सिरे से विचार करने के लिए नायब तहसीलदार के पास भेजे जाने का भी उल्लेख दस्तावेजों में है।

इसके बाद 28 जनवरी 2025 को नायब तहसीलदार द्वारा अंतिम आदेश पारित किया गया। इसी आदेश के संबंध में आगे न्यायालयीन कार्यवाही हुई और 29 मार्च 2025 को WP(C) 1742/2025 दायर किए जाने का उल्लेख मिलता है।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा?

उच्च न्यायालय के आदेश के पैरा 9 में स्पष्ट किया गया है कि पुनर्विलोकन याचिका इस सीमा तक स्वीकार की जाती है कि 25 जून 2025 के आदेश के पैरा 11 में जारी निर्देश अब अनावश्यक हो गया है और उस पर अमल करने की आवश्यकता नहीं है।

न्यायालय ने यह भी कहा कि 28 जनवरी 2025 को पारित अंतिम आदेश के संबंध में जिस पक्ष को राहत चाहिए, वह संबंधित प्राधिकारियों के समक्ष जा सकता है। इस प्रकार, आदेश में पुनर्विलोकन याचिका को सीमित राहत दी गई है।

न्यायालयीन दस्तावेजों में कोटवार नियुक्ति की तारीख 23 जनवरी 2007 दर्ज है। सुनवाई के दौरान पुनर्विलोकन पक्ष की ओर से मूल रिट याचिका में महत्वपूर्ण तथ्यों का उल्लेख नहीं किए जाने तथा संबंधित व्यक्ति को पक्षकार नहीं बनाए जाने संबंधी आपत्तियां उठाई गई थीं। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से कहा गया कि 28 जनवरी 2025 के राजस्व आदेश की जानकारी रिट याचिका दायर करते समय नहीं थी और किसी तथ्य को जानबूझकर छिपाने का प्रयास नहीं किया गया।

See also  अपना दल (एस) ने महासमुंद में मजबूत की संगठनात्मक पकड़, इब्राहिम कादरी बने जिलाध्यक्ष

हालांकि, हाईकोर्ट के इस आदेश को विवादित भूमि के स्वामित्व का अंतिम निर्धारण या राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज करने के विवाद का पूर्ण निपटारा मानना उचित नहीं होगा। आदेश में संबंधित प्राधिकारियों के समक्ष राहत मांगने का विकल्प स्पष्ट रूप से उल्लेखित है।

कुड़ेकेल में सेवा भूमि की अपील लंबित होने का आरोप

कुडेकेल के कोटवार एवं उनके धर्मपत्नी अपने ही सगे बड़े भाई मुखर साय भार से पीड़ित है

ग्राम कुड़ेकेल के वर्तमान कोटवार रनसाय भार पिता बरातू भार ने भी कोटवारी सेवा भूमि के राजस्व अभिलेखों को लेकर शिकायत की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, खसरा नंबर 299, रकबा 0.55 हेक्टेयर तथा खसरा नंबर 470, रकबा 2.18 हेक्टेयर भूमि का उल्लेख किया गया है।

आवेदक पक्ष का दावा है कि संबंधित भूमि पुराने राजस्व अभिलेखों में ग्राम नौकर/कोटवार सेवा भूमि के रूप में दर्ज रही है। इसके बावजूद सेवा भूमि की वापसी और राजस्व अभिलेखों में आवश्यक सुधार के लिए प्रस्तुत अपील पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

कोटवार पक्ष ने संबंधित राजस्व अधिकारियों से पुराने और वर्तमान अभिलेखों, अपील तथा उपलब्ध न्यायालयीन दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले का लंबे समय से निराकरण नहीं होने के कारण उन्हें शासन-प्रशासन के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

घर में घुसकर गाली-गलौज और धमकी देने की शिकायत

सेवा भूमि विवाद के बीच रनसाय भार और उनके परिवार की ओर से कथित गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी तथा घर-बाड़ी पर कब्जे की कोशिश किए जाने की शिकायत भी की गई है। शिकायत के अनुसार, घर में जबरन घुसने और कब्जे की नीयत से चूने से निशान लगाकर बंटवारा करने जैसी गतिविधियों का आरोप लगाया गया है।

See also  पंचायत में वित्त घोटाले का आरोप, कोरे बिलों पर निकली लाखों की राशि

कोटवार पक्ष के मुताबिक, इस संबंध में थाना बसना तथा विशेष थाना, महासमुंद में शिकायत प्रस्तुत की गई है। शिकायत में ग्राम सरपंच भरत डड़सेना, पंच बलीराम यादव, प्रहलाद पटेल, दुकली बाई टांडी, मोखरसाय भार और भगतराम टांडी के नाम आरोपित व्यक्तियों के रूप में उल्लेखित हैं।

शिकायतकर्ता पक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित व्यक्तियों का पक्ष और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

राजस्व और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

रायतुम में राजस्व आदेशों और हाईकोर्ट की कार्यवाही से जुड़ा विवाद तथा कुड़ेकेल में सेवा भूमि की अपील पर कार्रवाई नहीं होने के आरोपों ने प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्ष जांच की जरूरत को रेखांकित किया है। दोनों कोटवारों ने शासन-प्रशासन से पुराने एवं वर्तमान राजस्व अभिलेखों की जांच कराने, न्यायालयीन आदेशों की स्थिति स्पष्ट करने और नियमानुसार निर्णय लेने की मांग की है।

अब देखना होगा कि संबंधित राजस्व अधिकारी उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर क्या निर्णय लेते हैं और कुड़ेकेल प्रकरण में पुलिस शिकायतों पर क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल, रायतुम के मामले में हाईकोर्ट का आदेश सीमित राहत तक है, जबकि कुड़ेकेल में लगाए गए आरोप जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक पक्ष के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

kotwari bhumi Raitum Aadesh copy
New Doc 10-19-2026 21.21_2
New Doc 10-15-2026 21.36

WhatsApp पर शेयर करें
Basant Sahu Bureau Chief
Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

Related Posts

श्री गुरु सिंघ सभा बसना की नई प्रबंधक कमेटी गठित, सर्वसम्मति से जसवंत सिंह सलूजा बने अध्यक्ष

26/10/2026 - 6:32 AM

सिरको सहकारी समिति के अध्यक्ष बने लखनलाल परमार, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल की मौजूदगी में लिया पदभार

25/10/2026 - 11:23 PM

निर्माण कार्य की जानकारी मिटाकर कपड़ा दुकान का नाम-मोबाइल नंबर लिखने का आरोप, ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की उठाई मांग

25/10/2026 - 8:48 PM

मगधा यादव समाज नुआखाई मिलन एवं सम्मान समारोह में जुटेंगे उड़ीसा के पदाधिकारी

22/10/2026 - 10:43 PM

अपना दल (एस) ने महासमुंद में मजबूत की संगठनात्मक पकड़, इब्राहिम कादरी बने जिलाध्यक्ष

21/10/2026 - 10:26 PM

बिजली ऑपरेटरों के वेतन से ₹500 कटौती का आरोप, सरायपाली संभाग पर उठे सवाल

20/10/2026 - 10:09 PM
Leave A Reply Cancel Reply

पोस्ट

सेवा भूमि विवाद में हाईकोर्ट का अहम आदेश, राजस्व अभिलेखों पर विवाद बरकरार

27/10/2026 - 10:12 PM

(विशेष लेख) शहीद गुंडाधुर की धरती से लिखी जा रही बस्तर में बदलाव की कहानी

26/10/2026 - 7:12 PM

श्री गुरु सिंघ सभा बसना की नई प्रबंधक कमेटी गठित, सर्वसम्मति से जसवंत सिंह सलूजा बने अध्यक्ष

26/10/2026 - 6:32 AM

सिरको सहकारी समिति के अध्यक्ष बने लखनलाल परमार, विधायक डॉ. संपत अग्रवाल की मौजूदगी में लिया पदभार

25/10/2026 - 11:23 PM

एच. डी. महंत
मुख्य संपादक

Official Address :
Shop No. 2, Ground Floor, Gokul Apartment, Near Shyam Nagar Chowk, Shyam Nagar, Telibandha Raipur, Chhattisgarh – 492013

Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
UDYAM-CG-33-0000933
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
« Sep    
© 2026 The Bharat Times. Designed by Nimble Technology.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.