महासमुंद 7 जून 2026/ जिले में फरार आरोपियों और वारंटियों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान ने अपराधियों में हड़कंप मचा दिया। महज पांच दिनों की सघन सर्च मुहिम में महासमुंद पुलिस ने 120 वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के सामने पेश कर दिया। इनमें 29 स्थायी वारंटी और 91 गिरफ्तारी वारंटी शामिल हैं। सबसे खास बात यह रही कि थाना सरायपाली क्षेत्र का 9 वर्ष पुराना स्थायी वारंट भी इस अभियान में तामील किया गया, जो लंबे समय से पुलिस और न्यायालय की पकड़ से दूर था।
अपराध नियंत्रण और फरार आरोपियों की धरपकड़ के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक महासमुंद के निर्देशन में 1 जून से 5 जून 2026 तक जिलेभर में विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस टीमों ने लगातार दबिश, तलाश और निगरानी करते हुए विभिन्न थाना क्षेत्रों में छिपे वारंटियों को गिरफ्तार किया। अभियान के दौरान आबकारी एक्ट के 9, मारपीट एवं गाली-गलौच के 9, एनआई एक्ट के 8, दुर्घटना के 1, चोरी के 1 और एनडीपीएस एक्ट के 1 सहित विभिन्न मामलों के कुल 29 स्थायी वारंटों का निष्पादन किया गया। इसके अलावा 91 गिरफ्तारी वारंटों की भी तामीली कर संबंधित आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। चेक बाउंस के सात मामलों में भी वारंटियों को गिरफ्तार कर कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा और सरायपाली अनुविभागों के थाना क्षेत्रों में यह कार्रवाई एक साथ संचालित की गई। पुलिस के अनुसार स्थानीय न्यायालयों के साथ-साथ अन्य जिलों से प्राप्त वारंटों पर भी कार्रवाई की गई। उल्लेखनीय है कि इससे पहले मई माह में चलाए गए अभियान में 65 वारंटियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 120 तक पहुंच गया।
बहरहाल, महासमुंद पुलिस का संदेश साफ है—कानून से बचकर वर्षों तक छिपना संभव हो सकता है, लेकिन कानून की पकड़ से बच निकलना नहीं।






