रायगढ़, 9 जून 2026/ अगर आप ब्रांडेड शराब समझकर बोतल खरीद रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! रायगढ़ में एक ऐसा खौफनाक खेल चल रहा था, जहां नामी कंपनियों की बोतलों में नकली और जानलेवा शराब भरकर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा था। लेकिन पुलिस के “ऑपरेशन आघात” ने इस पूरे सिंडिकेट की कमर तोड़ दी।
रायगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम धनागर में बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली शराब की फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। मौके से 869 बोतल (करीब 240 लीटर) नकली शराब, स्प्रिट, ड्रम, सैकड़ों खाली बोतलें, 560 ढक्कन, नकली लेबल, होलोग्राम और पैकिंग सामग्री जब्त की गई। इस अवैध कारोबार से करीब 2.16 लाख रुपये की कमाई का अनुमान लगाया गया है।
कार्रवाई में दुष्यंत पटेल उर्फ पप्पू (47) को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसका भाई सुभाष पटेल और साथी विनय सिंह फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस ने पहले ग्राहक बनकर शराब खरीदी। जांच में बोतलों के लेबल, होलोग्राम, स्वाद और खुशबू संदिग्ध मिली। इसके बाद जब आरोपी के घर पर छापा मारा गया तो गाय रखने वाले कोठे से रॉयल स्टेज, आईबी, ब्लैक डॉग, गोवा, रिजर्व क्वार्टर, गोल्डन गोवा और किंगफिशर जैसे नामी ब्रांडों की पैकिंग में भारी मात्रा में नकली शराब बरामद हुई।
पूछताछ में आरोपी ने सनसनीखेज खुलासा किया कि कोरोना काल से यह गिरोह अरुणाचल प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ से शराब लाकर उसमें स्प्रिट और अन्य रसायन मिलाकर मात्रा बढ़ाता था। इसके बाद पुरानी बोतलों पर नकली लेबल और फर्जी होलोग्राम लगाकर बाजार में असली शराब के नाम पर बेचा जाता था। यानी लोगों को शराब नहीं, बल्कि मौत का जाम परोसा जा रहा था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
रायगढ़ पुलिस का साफ संदेश है— लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले नकली शराब माफिया अब किसी भी कीमत पर नहीं बचेंगे। “ऑपरेशन आघात” का वार अभी जारी है और अगला निशाना इस अवैध कारोबार से जुड़े हर आरोपी पर होगा।






