Close Menu
The Bharat TimesThe Bharat Times
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

सुदूर वनाँचल ग्राम झाल में सुशासन शिविर सम्पन्न

03/06/2026 - 8:24 PM

संबलपुर बायपास में भड़की भीषण आग, धमतरी पुलिस की फुर्ती से टला बड़ा हादसा

03/06/2026 - 12:53 PM

बिलासपुर मंडल में 15 जून को पेन्शन अदालत का आयोजन 

03/06/2026 - 10:02 AM
Facebook X (Twitter) Instagram
Wednesday, June 3
Facebook X (Twitter) Instagram
The Bharat TimesThe Bharat Times
Demo
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश
  • राजनीति
  • मेरा शहर
The Bharat TimesThe Bharat Times
Home»छत्तीसगढ़»आधुनिकीकरण की चमक में बुझती रेलवे कुलियों के घरों की रोटी
छत्तीसगढ़ बिलासपुर

आधुनिकीकरण की चमक में बुझती रेलवे कुलियों के घरों की रोटी

HD MAHANTBy HD MAHANT03/06/2026 - 9:46 AM
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर 3 जून 2026/ रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण और नई तकनीकों के विस्तार ने यात्रियों की सुविधाएं तो बढ़ा दी हैं, लेकिन इसके साथ ही वर्षों से स्टेशन की पहचान रहे कुलियों (पोर्टरों) के सामने रोज़ी-रोटी का गहरा संकट खड़ा हो गया है।

रेलवे स्टेशन पर नई तकनीक और ठेका व्यवस्था के बीच रोज़गार के संकट से जूझ रहे कुली, परिवार चलाना हुआ मुश्किल

कभी यात्रियों के सामान ढोकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले कुली आज स्टेशन परिसर में घंटों काम की प्रतीक्षा करने को मजबूर हैं। बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर आधुनिक सुविधाओं के रूप में लिफ्ट, एस्केलेटर, स्वचालित सीढ़ियां और बेहतर परिवहन व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं। इन सुविधाओं से यात्रियों को निश्चित रूप से राहत मिली है, लेकिन दूसरी ओर कुलियों के काम में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अब अधिकांश यात्री स्वयं ही अपना सामान लेकर प्लेटफार्म तक पहुंच जाते हैं, जिससे कुलियों को पहले जैसी आमदनी नहीं हो पा रही है।

पैकेजिंग और पार्सल कार्य भी हुआ हाथ से बाहर

कुलियों की आय का एक बड़ा स्रोत पहले पार्सल पैकिंग और लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य हुआ करता था। यात्रियों के पार्सल और भारी सामान की सुरक्षित पैकेजिंग कर कुली प्रतिदिन अच्छी कमाई कर लेते थे। एक पार्सल की पैकिंग के बदले उन्हें 200 से 300 रुपये तक मिल जाते थे, जिससे घर का खर्च आसानी से चल जाता था। लेकिन रेलवे द्वारा पार्सल पैकेजिंग और उससे जुड़े कार्यों को निजी ठेकेदारों के हवाले किए जाने के बाद यह रोजगार भी लगभग समाप्त हो गया है। कुलियों का कहना है कि अब वही पैकेजिंग कार्य 500 रुपये से अधिक में कराया जा रहा है, जिसका लाभ ठेकेदारों को मिल रहा है, जबकि वर्षों से यह काम करने वाले कुली बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं।

गर्मी में ट्रेनों के रद्द होने से और बढ़ी परेशानी

इस वर्ष भीषण गर्मी के कारण रेलवे ने कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द किया है। इससे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या में कमी आई है और कुलियों की आय पर अतिरिक्त असर पड़ा है। जहां पहले ट्रेनों की आवाजाही से दिनभर कुछ न कुछ काम मिल जाता था, वहीं अब कई कुली पूरा दिन स्टेशन परिसर में बैठकर समय बिताने को विवश हैं।

अब घर चलाना कठिन हो गया है’

कुलियों का कहना है कि पहले दिनभर की मेहनत के बाद परिवार की जरूरतें पूरी हो जाती थीं, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। स्टेशन पर कार्यरत कुली जय ने बताया कि कई साथी सुबह से शाम तक काम की तलाश में बैठे रहते हैं, फिर भी पर्याप्त काम नहीं मिल पाता। इससे परिवार के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है।

विकास के साथ पुनर्वास की भी जरूरत

रेलवे का आधुनिकीकरण समय की आवश्यकता है और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलना स्वागतयोग्य कदम है। लेकिन सवाल यह भी है कि तकनीकी बदलावों की इस दौड़ में उन लोगों का क्या होगा, जिन्होंने दशकों तक रेलवे सेवा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनकर यात्रियों की मदद की है? विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे प्रशासन को कुलियों के लिए वैकल्पिक रोजगार, कौशल प्रशिक्षण और नई व्यवस्थाओं में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में भी ठोस पहल करनी चाहिए। ताकि विकास की रफ्तार के साथ किसी वर्ग की आजीविका पूरी तरह प्रभावित न हो। रेलवे स्टेशन की बदलती तस्वीर के बीच कुलियों की यह पीड़ा विकास और मानवीय संवेदनाओं के संतुलन की ओर ध्यान आकर्षित करती है।

HD MAHANT
Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

Related Posts

सुदूर वनाँचल ग्राम झाल में सुशासन शिविर सम्पन्न

03/06/2026 - 8:24 PM

संबलपुर बायपास में भड़की भीषण आग, धमतरी पुलिस की फुर्ती से टला बड़ा हादसा

03/06/2026 - 12:53 PM

बिलासपुर मंडल में 15 जून को पेन्शन अदालत का आयोजन 

03/06/2026 - 10:02 AM

छत्तीसगढ़ प्रशासनिक सेवा के स्तंभ बीकेएस रे नहीं रहे, 77 वर्ष की आयु में निधन

03/06/2026 - 9:58 AM

कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस 01 अगस्त 2026 से प्रतिदिन 18249/18250 नंबर के साथ चलेगी।

03/06/2026 - 9:48 AM

रेलवे में नौकरी लगा देने के नाम पर 15 लाख की ठगी: दो गिरफ्तार

03/06/2026 - 9:43 AM
Leave A Reply Cancel Reply

पोस्ट

सुदूर वनाँचल ग्राम झाल में सुशासन शिविर सम्पन्न

03/06/2026 - 8:24 PM

संबलपुर बायपास में भड़की भीषण आग, धमतरी पुलिस की फुर्ती से टला बड़ा हादसा

03/06/2026 - 12:53 PM

बिलासपुर मंडल में 15 जून को पेन्शन अदालत का आयोजन 

03/06/2026 - 10:02 AM

छत्तीसगढ़ प्रशासनिक सेवा के स्तंभ बीकेएस रे नहीं रहे, 77 वर्ष की आयु में निधन

03/06/2026 - 9:58 AM

एच. डी. महंत
मुख्य संपादक

Official Address :
Shop No. 2, Ground Floor, Gokul Apartment, Near Shyam Nagar Chowk, Shyam Nagar, Telibandha Raipur, Chhattisgarh – 492013

Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
UDYAM-CG-33-0000933
June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
« May    
© 2026 The Bharat Times. Designed by Nimble Technology.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.