कपड़े सुखाने के तार में दौड़ा करंट, बचाने पहुंचे पति की भी मौत; दूसरी घटना में छत पर सो रहा युवक बिजली लाइन की चपेट में आया
बिलासपुर 22 जून 2026/ जिले में करंट लगने की दो अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। पहली घटना मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम कर्रा में हुई, जहां कपड़े सुखाने के लिए लगाए गए लोहे के तार में करंट प्रवाहित होने से पति-पत्नी की मौत हो गई। वहीं दूसरी घटना रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघरी में हुई, जहां छत पर सो रहा एक युवक बिजली लाइन की चपेट में आने से जान गंवा बैठा।
पत्नी को बचाने दौड़े पति ने भी गंवाई जान
मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम कर्रा में रविवार सुबह एक हृदयविदारक हादसा सामने आया। जानकारी के अनुसार गांव निवासी सचिन चन्द्राकर (45 वर्ष) और उनकी पत्नी रजनी चन्द्राकर (32 वर्ष) अपने घर पर थे। सुबह रजनी घर के आंगन में कपड़े सुखाने पहुंचीं। जैसे ही उन्होंने गीले कपड़े कपड़े सुखाने के लिए लगाए गए लोहे के जीआई तार पर डाले, वे करंट की चपेट में आ गईं और छटपटाने लगीं। पत्नी की चीख सुनकर सचिन तत्काल उन्हें बचाने पहुंचे, लेकिन रजनी को छुड़ाने के प्रयास में वे स्वयं भी करंट की चपेट में आ गए। तेज करंट लगने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही गिर पड़े। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण दोनों को तत्काल मस्तूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आंधी-तूफान के बाद टूटा था बिजली तार
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक दिन पहले आए तेज आंधी-तूफान के दौरान बिजली का सर्विस वायर टूटकर नीचे गिर गया था। यह तार अनजाने में कपड़े सुखाने के लिए लगाए गए जीआई तार के संपर्क में आ गया, जिससे पूरे तार में करंट प्रवाहित होने लगा। इसी वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ। सूचना मिलने पर मस्तूरी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों का पंचनामा किया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा बिजली विभाग से भी तकनीकी जानकारी जुटाई जा रही है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है।
छत पर सो रहे युवक की बिजली लाइन की चपेट में आने से मौत
दूसरी घटना रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघरी की है। यहां हरीश कुमार कोसले (30 वर्ष) की करंट लगने से मौत हो गई। हरीश रोजी-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। बताया गया कि शनिवार-रविवार की रात वह घर की छत पर सो रहा था। रात करीब दो बजे किसी कारणवश उसकी नींद खुली और वह उठा। इसी दौरान छत के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। करंट लगते ही वह छत से नीचे जमीन पर गिर पड़ा। आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे तत्काल रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। रतनपुर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हरीश अपने पीछे पत्नी और दो छोटी बेटियों को छोड़ गया है। उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और बच्चियां पिता की छत्रछाया से वंचित हो गई हैं।
बिजली सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
दो दिनों के भीतर करंट लगने से हुई इन तीन मौतों ने बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खुले और जर्जर बिजली तारों की नियमित निगरानी तथा समय पर मरम्मत नहीं होने से ऐसे हादसों की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है।





