छत्तीसगढ़

अवैध शराब के खिलाफ चूल्हा चौका छोड़कर किराए के पिकअप से महिलाएं पहुंची कलेक्ट्रेट

लैलूंगा ब्लॉक के ग्राम भकुर्रा की महिलाओं ने आसपास गांव में अवैध शराब निर्माण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चूल्हा चौका छोड़कर किराए की पिकअप से रायगढ़ पहुंचे ग्राम सुरक्षा महिला समिति ने कलेक्टर के नाम आवेदन देते हुए आसपास गांवों में शराब के अवैध कारोबार पर कार्रवाई की मांग भी की। जिला मुख्यालय से तकरीबन 80 किलोमीटर दूर तमनार विकासखण्ड के ग्राम भकुर्रा से किराए के पिकअप वाहन में खड़े होकर तकरीबन 50 महिला-पुरूष कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिलाधीश कार्तिकेया गोयल की गैरमौजूदगी में ग्राम सुरक्षा महिला समिति भकुर्रा की अध्यक्ष गीता सिदार ने डिप्टी कलेक्टर रेखा चन्द्रा को हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंपा।आवेदन में कहा गया है कि बीते 1994 में तत्कालीन सरपंच जयकुमार गुप्ता की पहल से पंचायत की बैठक में सर्वसम्मति से गांव में शराब बनाने के अवैध धंधे को पूर्णतः प्रतिबन्धित कर दिया गया है। महिलाओं की माने तो भकुर्रा में गुजरे 30 बरस से कहीं भी शराब निर्माण नहीं करता है, लेकिन अगल-बगल गांव नकटामार, केराबहार और बनेकेला में अवैध तरीके से शराब बनाने का काला कारोबार जोरों पर रहने से छोटे बच्चे भी नशे की लत में डूबकर पढ़ने के लिए स्कूल जाने से कतराने लगे हैं। ऐसे में पिछले साल 14 नवंबर को ग्राम सभा की बैठक कर पूर्णतः शराबबंदी के प्रस्ताव पारित किया गया था। यही नहीं, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाकायदा ग्राम सुरक्षा महिला समिति का गठन भी किया गया। फिर भी भकुर्रा के आसपास गांवों में शराब निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है, लिहाजा महिलाओं ने प्रशासन से दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ग्राम सुरक्षा महिला समिति की अध्यक्ष गीता सिदार के साथ सरपंच लालकुमारी सिदार, कमला सिदार, बुन्दरा सिदार, मोहरमति, घसियाना बाई, साधमति, कलावती, जानकी बाई, पीरो गुप्ता, सुमित्रा गुप्ता, बुधवारो बाई के साथ पूर्व सरपंच जयकुमार गुप्ता, प्रेमसिंह सिदार (ग्राम पटेल), माधव आनंद गुप्ता, जगेश्वर गुप्ता, यादराम सिदार, तुलेश्वर यादव तथा भुवनेश्वर पटेल प्रमुख रूप से फरियाद लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे।

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