Close Menu
The Bharat TimesThe Bharat Times
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

बिजली ऑपरेटरों के वेतन से ₹500 कटौती का आरोप, सरायपाली संभाग पर उठे सवाल

20/10/2026 - 10:09 PM

जमड़ी में ग्रामीणों ने पकड़ा महुआ शराब बनाने का मामला, पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

20/10/2026 - 10:05 PM

रायपुर के रावणभाठा में 154 साल से अडिग रावण, सुमित दास महंत ने बताई अनूठी परंपरा

19/10/2026 - 11:29 PM
Facebook X (Twitter) Instagram
Wednesday, October 21
Facebook X (Twitter) Instagram
The Bharat TimesThe Bharat Times
Demo
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
    • कोरबा
    • अंबिकापुर
    • कोंडागाँव
    • जांजगीर चांपा
    • दुर्ग
    • जगदलपुर
    • धमतरी
    • दंतेवाड़ा
    • बलौदाबाजार
    • भटगांव
    • महासमुंद
    • रायगढ़
    • राजनांदगांव
    • रायपुर
    • देश दुनिया
    • सारंगढ़ बिलाईगढ़
  • मध्य प्रदेश
    • डिंडोरी
      • समनापुर
      • सरसीवा
      • सलिहा
  • राजनीति
  • मेरा शहर
  • होम
  • देश दुनिया
  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश
  • राजनीति
  • मेरा शहर
The Bharat TimesThe Bharat Times
Home»छत्तीसगढ़»पुरातन धरोहर का अनमोल खजाना: विरासत को सहेजने की प्रेरणादायक कहानी
छत्तीसगढ़

पुरातन धरोहर का अनमोल खजाना: विरासत को सहेजने की प्रेरणादायक कहानी

HD MAHANTBy HD MAHANT24/03/2025 - 5:33 PM
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
Share
Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

राजनांदगांव/टप्पा 24मार्च 25/हर वस्तु के पीछे एक कहानी होती है, और जब कोई व्यक्ति उन कहानियों को सहेजने का संकल्प लेता है, तो वह सिर्फ एक संग्रह नहीं करता, बल्कि इतिहास को जीवंत बना देता है। कुछ ऐसा ही कार्य किया है राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ के किशोर कुमार जैन ने, जिन्होंने पुरानी, दुर्लभ और ऐतिहासिक वस्तुओं का एक अनोखा संग्रह तैयार किया है। उनके इस जुनून ने उन्हें केवल एक संग्रहकर्ता ही नहीं, बल्कि बीते युग की धरोहर को सहेजने वाले संरक्षक के रूप में भी पहचान दिलाई है।

गांव से शुरू हुआ ऐतिहासिक सफर

किशोर कुमार जैन, जो एक साधारण ग्रामीण परिवार से ताल्लुक रखते हैं, ने संग्रहालय की स्थापना के पीछे अपनी बचपन की रुचि और लगन को बताया। वे बताते हैं कि उन्हें पुरानी चीजों को इकट्ठा करने का शौक बचपन से ही था। धीरे-धीरे यह शौक जुनून में बदल गया और उन्होंने पुरानी विरासत को संजोने का बीड़ा उठाया।

उनके इस संग्रहालय में दुर्लभ सिक्के, ऐतिहासिक बर्तन, प्राचीन आभूषण, टेलीफोन, टाइपराइटर, ग्रामोफोन, घड़ियां, पुराने नोट और दुर्लभ डाक टिकटों का संग्रह शामिल है। इसके अलावा, उनके पास पुरानी मोटरसाइकिलें, रेडियो, मिट्टी के बर्तन, लोहे और पीतल के दुर्लभ बर्तन, ऐतिहासिक औजार एवं अन्य संग्रहणीय वस्तुएं भी हैं, जो भारतीय इतिहास की झलक दिखाते हैं।

किशोर कुमार जैन का मानना है कि “हर वस्तु के पीछे एक अनकही कहानी छिपी होती है, जिसे समझना और सहेजना बहुत जरूरी है।” उनका यह प्रयास नई पीढ़ी को उनके गौरवशाली अतीत से जोड़ने और सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाए रखने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।

See also  आईफोन का दीवाना निकला ‘चौबे कॉलोनी का चोर’ 21 लाख की हाई-फाई चोरी में 5 धरे गए

दुर्लभ चीजों का अनमोल खजाना

किशोर कुमार जैन का संग्रहालय सिर्फ पुरानी वस्तुओं का एक संकलन मात्र नहीं है, बल्कि यह समय के साथ खोते जा रहे ऐतिहासिक खजाने का पुनरुद्धार भी है। उनके पास कई ऐसी वस्तुएं हैं, जिन्हें लोग अब भूल चुके हैं या जो विलुप्त होने के कगार पर हैं। इनमें से कुछ वस्तुएं 100 से 150 साल पुरानी भी हैं।

उनका मानना है कि यह संग्रहालय “अतीत और वर्तमान के बीच एक कड़ी” के रूप में कार्य करेगा, जिससे लोग अपनी संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहर को समझ सकें।

अनमोल धरोहर की खास झलक

1. दुर्लभ सिक्के और पुराने नोट – प्राचीन समय के तमाम ऐतिहासिक सिक्के और नोट इस संग्रहालय का मुख्य आकर्षण हैं। इनमें कई ऐसे सिक्के और नोट शामिल हैं, जो अब चलन से बाहर हो चुके हैं और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।

2. ग्रामोफोन और टाइपराइटर – 19वीं और 20वीं शताब्दी की दुर्लभ ध्वनि रिकॉर्डिंग और लेखन मशीनें यहां संरक्षित हैं।

3. पुरानी मोटरसाइकिलें – कुछ खास मॉडल की ऐतिहासिक मोटरसाइकिलें भी इस संग्रह में शामिल हैं, जो भारत में पहली बार आईं थीं।

4. पारंपरिक आभूषण और धातु कला – पुरानी धातु कला से बने आभूषण और घरेलू उपयोग की वस्तुएं यहां मौजूद हैं, जो भारतीय संस्कृति की समृद्धि को दर्शाती हैं।

5. डाक टिकट और प्राचीन दस्तावेज – भारतीय डाक व्यवस्था से जुड़े दुर्लभ डाक टिकटों और ऐतिहासिक दस्तावेजों का भी संग्रह किया गया है।

 

संरक्षण और विस्तार की आवश्यकता

हालांकि यह संग्रहालय स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, लेकिन इसे और विकसित करने के लिए उचित सहयोग और संरक्षण की जरूरत है।

See also  धान की बोवाई पर विवाद बना हत्या का कारण— सलिहा पुलिस की त्वरित कार्रवाई 7 आरोपी सलाखों के पीछे

किशोर कुमार जैन कहते हैं,
“यह केवल मेरा व्यक्तिगत शौक नहीं है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर को बचाने का एक प्रयास है। यदि सरकार या कोई संस्था इस पहल को समर्थन दे, तो यह और भी बड़े स्तर पर लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।”

उनका मानना है कि यदि इस संग्रहालय को और अधिक सुव्यवस्थित किया जाए और इसे एक सरकारी या निजी संग्रहालय का रूप दिया जाए, तो यह एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक केंद्र बन सकता है।

भविष्य की योजनाएं

किशोर कुमार जैन इस संग्रहालय को और विस्तृत रूप देने की योजना बना रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि वे एक बड़ा स्थायी संग्रहालय स्थापित करें, जहां अधिक से अधिक लोग आकर भारत की प्राचीन विरासत को देख और समझ सकें।

वे आने वाले समय में कुछ और दुर्लभ वस्तुओं को संग्रहालय में जोड़ने और डिजिटल माध्यम से इसे आम जनता तक पहुंचाने की योजना भी बना रहे हैं।

कैसे करें संपर्क?

यदि आप भी इस अनोखे संग्रह को देखना चाहते हैं या इसमें किसी भी रूप में योगदान देना चाहते हैं, तो आप किशोर कुमार जैन से संपर्क कर सकते हैं:
मोबाइल नंबर: 7982733729
WhatsApp: 9422138821
स्थान: टप्पा, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़

निष्कर्ष

किशोर कुमार जैन द्वारा स्थापित यह संग्रहालय न केवल ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने का एक प्रयास है, बल्कि यह नई पीढ़ी को उनके गौरवशाली अतीत से जोड़ने का एक जरिया भी है। उनका यह कार्य सराहनीय है और यदि इसे सही दिशा में समर्थन मिले, तो यह न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक धरोहर केंद्र बन सकता है।

See also  पीएम आवास ग्रामीण की समीक्षा बैठक सम्पन्न, कार्य में तेजी लाने के निर्देश

“यह संग्रहालय केवल वस्तुओं का नहीं, बल्कि यादों, इतिहास और विरासत का अनमोल खजाना है, जिसे संजोने और सराहने की जरूरत है।”

 

WhatsApp पर शेयर करें
HD MAHANT
Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

Related Posts

बिजली ऑपरेटरों के वेतन से ₹500 कटौती का आरोप, सरायपाली संभाग पर उठे सवाल

20/10/2026 - 10:09 PM

जमड़ी में ग्रामीणों ने पकड़ा महुआ शराब बनाने का मामला, पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

20/10/2026 - 10:05 PM

रेल नेटवर्क के विस्तार से बदल रही छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति

19/10/2026 - 7:41 PM

राष्ट्रीय बाइक रैली का कबीरधाम में भव्य स्वागत, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिखाई हरी झंडी  

19/10/2026 - 4:48 PM

कॉलेज के छात्रों के सामने मीडिया को बताया देश के लिए खतरा, संजय भूषण पांडे के खिलाफ लामबंद हुए पत्रकार संगठन

17/10/2026 - 10:54 PM

बिलाईगढ़ एसडीओपी दीपिका मिंज पदोन्नत होकर बनीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसपी सुनील शर्मा ने कंधों पर लगाया बैज

17/10/2026 - 10:40 PM

Comments are closed.

पोस्ट

बिजली ऑपरेटरों के वेतन से ₹500 कटौती का आरोप, सरायपाली संभाग पर उठे सवाल

20/10/2026 - 10:09 PM

जमड़ी में ग्रामीणों ने पकड़ा महुआ शराब बनाने का मामला, पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

20/10/2026 - 10:05 PM

रायपुर के रावणभाठा में 154 साल से अडिग रावण, सुमित दास महंत ने बताई अनूठी परंपरा

19/10/2026 - 11:29 PM

रेल नेटवर्क के विस्तार से बदल रही छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति

19/10/2026 - 7:41 PM

एच. डी. महंत
मुख्य संपादक

Official Address :
Shop No. 2, Ground Floor, Gokul Apartment, Near Shyam Nagar Chowk, Shyam Nagar, Telibandha Raipur, Chhattisgarh – 492013

Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
UDYAM-CG-33-0000933
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
« Sep    
© 2026 The Bharat Times. Designed by Nimble Technology.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.