रायपुर 10 जुलाई (2026) महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान राज्य महिला आयोग ने कई अहम फैसले सुनाए। एक मामले में लैंगिक उत्पीड़न की जांच के आदेश दिए गए, जबकि दूसरे में आयोग की पहल पर पीड़िता को हर महीने ₹32 हजार भरण-पोषण और निजी खर्च देने पर सहमति बनी।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने शुक्रवार को रायपुर स्थित कार्यालय में महिला उत्पीड़न से जुड़े 36 प्रकरणों की सुनवाई करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश की 413वीं और रायपुर जिले की 200वीं जनसुनवाई में सदस्य सरला कोसरिया, ओजस्वी मंडावी और दीपिका शोरी भी मौजूद रहीं। सुनवाई के दौरान लैंगिक उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, सामाजिक बहिष्कार और पारिवारिक विवाद से जुड़े मामलों पर विस्तार से विचार किया गया।
सुनवाई के दौरान एक महिला ने कार्यस्थल पर अभद्र व्यवहार, अश्लील हरकतें और झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई। आयोग के समक्ष यह तथ्य भी सामने आया कि कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न कानून के तहत अब तक आईसीसी (आंतरिक शिकायत समिति) की बैठक नहीं हुई। इसे गंभीर मानते हुए आयोग ने जिला शिक्षा अधिकारी, मोहला-मानपुर-चौकी को एक माह के भीतर आईसीसी से जांच कराकर दो माह के भीतर रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
एक अन्य मामले में मानसिक प्रताड़ना झेल रही महिला ने पति पर छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने और बेटी जन्म लेने पर ताने देकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों की काउंसलिंग के बाद आयोग की समझाइश पर पति ने पत्नी को निजी खर्च के लिए प्रतिमाह 7 हजार रुपये और घर के भरण-पोषण के लिए 25 हजार रुपये देने पर सहमति जताई। आयोग ने इस प्रकरण की छह माह तक नियमित निगरानी करने का निर्णय लिया और आदेश की अवहेलना होने पर न्यायालय जाने की स्वतंत्रता भी दी।
सुनवाई में सामाजिक बहिष्कार और वैवाहिक विवाद से जुड़े अन्य मामलों का भी आपसी सहमति से समाधान कराया गया। एक मामले में समाज से बहिष्कार नहीं करने का आश्वासन दिया गया, जबकि दूसरे प्रकरण में पति ने पत्नी के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने और प्रतिमाह 2 हजार रुपये देने पर सहमति व्यक्त की। बहरहाल, महिला आयोग की इस सुनवाई ने स्पष्ट किया कि संवाद, काउंसलिंग और समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से महिलाओं को त्वरित न्याय और सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।





