महानदी के तट पर शिक्षा, संस्कार और संस्कृति का उत्सव

कबीर तीर्थ मंदरौद स्थित समाधान विद्यालय का 12वां वार्षिक उत्सव हर्षोल्लास से संपन्न

धमतरी | मंदरौद/ 17 जनवरी 2026/महानदी के सुरम्य तट पर स्थित कबीर तीर्थ मंदरौद द्वारा संचालित समाधान विद्यालय का 12वां वार्षिक उत्सव भव्य, गरिमामयी एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। प्रकृति की गोद में आयोजित इस समारोह में शिक्षा, संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों का सजीव संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर विश्व भ्रमणशील संत भुवनेश्वर साहब, श्री एस. एल. साहू (सेवानिवृत्त, जल संसाधन विभाग), श्री रामदयाल उइके (पूर्व विधायक), श्री हर्ष शुक्ला (संपादक, राष्ट्रीय न्यूज सर्विस), श्री एच. डी. महंत (वरिष्ठ पत्रकार) तथा श्री रविंद्र साहू कातलबोड़ (प्राचार्य, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय) विशिष्ट अतिथि के रूप में मंचासीन रहे। सभी अतिथियों का सम्मान श्रीफल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर किया गया।

विद्यालय की प्राचार्य उषा जी ने स्वागत उद्बोधन में समाधान विद्यालय की 12 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा, उपलब्धियों एवं भावी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और मानवीय मूल्यों के निर्माण का सशक्त माध्यम है।

संचालक घनश्याम साहेब जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाधान विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को केवल शैक्षणिक रूप से सक्षम बनाना नहीं, बल्कि उन्हें मानवीय संवेदनाओं, सेवा-भाव और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ना है। उन्होंने विद्यालय परिवार, शिक्षकों, अभिभावकों और सहयोगी संस्थाओं के योगदान की सराहना की।

इस अवसर पर विश्व भ्रमणशील संत भुवनेश्वर साहब ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक लक्ष्य चरित्र निर्माण है और जब शिक्षा में सेवा, सत्य और करुणा का समावेश होता है, तभी समाज सशक्त बनता है।

कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में संकल्प सेवा संस्थान की विशेष सहभागिता ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। संस्थान के संचालक योगेश ठाकुर के मार्गदर्शन में उनकी शिष्या दिव्यांग नेत्रहीन कु. सुमन यादव ने “सत्यम् शिवम् सुंदरम् – सत्य ही शिव है” गीत पर भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
वहीं कु. तारणी निषाद ने “मन को दीपक बनाके बाती” गीत की सुमधुर प्रस्तुति देकर पूरे पंडाल को मंत्रमुग्ध कर दिया और खूब प्रेम आशीर्वाद एवं तालियाँ बटोरीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री हर्ष शुक्ला, संपादक राष्ट्रीय न्यूज सर्विस ने समाधान विद्यालय को शिक्षा और संस्कार का सशक्त केंद्र बताते हुए इसके प्रयासों की सराहना की।
श्री एस. एल. साहू ने प्रकृति के सान्निध्य में दी जा रही शिक्षा को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी बताया।
वरिष्ठ पत्रकार श्री एच. डी. महंत ने विद्यालय को “संस्कारों की प्रयोगशाला” की संज्ञा दी।
श्री रविंद्र साहू कातलबोड़ ने विद्यालय की अनुशासित शिक्षण पद्धति की प्रशंसा की।

उत्सव के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नृत्य, गीत एवं नाट्य मंचन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कुमकुम, नमन, साहोणाशीख, शेषनारायण, लक्ष्य, यश, गिरीश, सेजल, निकिता, झरना, डिम्पल, वंदना, हीना, तेजस्वी, दुर्गेश, टाकेश, ज्ञान, रितिका, याचना, माही, तेजस्वी-2, सर्वेश्वर, दीशांत, धवल सहित अनेक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम की सफलता में साहेब, चिंतामणि साहू, मंशाराम (सेवानिवृत्त बाइनमेन), सुवराज साहू, उमेश चंद्राकर, नामेश्वर साहू, मौजीराम साहू, आनंद राम साहू, रामअधीन साहू, श्रीमती केशरी साहू, ऊषा साहू, संविता साहू, राधेश्याम पुष्या साहू, भूमेश्वरी, त्रिवेणी, नीरा, यमुना विषाद, चम्पेश्वरी पटेल, चुम्मन, तीषण, रामनारायण चुडामणी, टीकाराम आचार्य, गोविंद राम साहू, मेघा साहू एवं पुष्प रूपेश्वर साहू सहित विद्यालय परिवार का सराहनीय योगदान रहा।
समारोह का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। महानदी के शांत तट पर आयोजित यह वार्षिक उत्सव शिक्षा, संस्कार और संस्कृति का ऐसा स्मरणीय आयोजन बना, जो लंबे समय तक स्मृतियों में जीवंत रहेगा।




