छत्तीसगढ़सारंगढ़ बिलाईगढ़

रिकोटार ग्रामीण अंचलों में लोकपर्व छेरछेरा तिहार पर राम सिया राम धुन की रही धूम

सारंगढ़ बिलाईगढ़: छत्तीसगढ़ के सुग्घर संस्कृति के लोक परब छेरछेरा पुन्नी के अवसर पर ग्राम रिकोटार ग्रामीण अंचलों में विशेष रौनक देखने को मिली । इस दिन सुबह से ही लोगों का दल घर-घर जाकर दान मांगता दिखा ,खासकर बच्चों का उत्साह तो देखते ही बनता था।आपको बता दे कि छत्तीसगढ़ के लोक पर छेरछेरा की ग्रामीण अंचलों में विशेष रौनक देखने को मिलती है। लोगों का दल सुबह से ही साथ छेरछेरा मांगने निकलते हैं। गाजे बाजे के साथ लोकगीत की धुन का आकर्षण तो लोगों का मन खासतौर पर आकर्षित कर रहा था।


आपको बता दें फसल कटाई के बाद पौष पूर्णिमा को मनाए जाने वाले इस पर्व में दान का विशेष महत्व होता है। यही कारण है कि लोग इस दिन धान और अन्न का दान विशेष तौर पर करते हैं। छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के साथ इस लोक पर्व की अनुपम छटा छेरछेरा पर्व पर देखने को मिलती है। इस इस त्यौहार की यह खासियत है कि इसमें छेरछेरा मांगने वाला और छेरछेरा देने वाले दोनों में अपार खुशियां और भाईचारा अगाध रूप से देखने को मिलता है । ना ही देने वाले में कोई अहंकार होता है बल्कि वह सुबह से मांगने वालों का इंतजार करते हैं वही मांगने वाला भी साधिकार पूर्वक छेरछेरा मांगता है और कहता है”छेरछेरा छेरछेरा कोठी के धान ल हेरते हेरा” । राम नाम की धुन के साथ भी लोग घर-घर धान का दान देने पहुंचे इस मौके पर विशेष तौर से जयप्रभा महंत, हिमांसी महंत, श्री सोनसिंह यादव, जयराम जायसवाल,रामसेवक साहू,प्रह्लाद साहू,भरत साहू ,शिवलाल जैसवाल, कन्हिया यादव, गिरेस जायसवाल, , दौलत राम यादव, दल्लू यादव, प्यारी यादव,गजेंद्र साहू,सतानंद साहू,मनमोहन साहू, सुखदेव साहू, कौशल प्रसाद, जवाहर लाल यादव रोहित दास मानिकपुरी,नारायण यादव, मनहरण राम साहू, जीवनदास मानिकपुरी,सुरेश यादव, महादेव यादव ने लोगो को छेरछेरा लोकपर्व की बधाई दी।

 

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