
सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर।पचपेढ़ी थाना क्षेत्र के सोन ग्राम में डेढ दर्जन से अधिक स्व सहायता समूह की महिलाओं ने बखेड़ा खड़ा कर दिया है। इस संबंध में नाराज महिलाओं का कहना है कि लगातार रेत के परिवहन के कारण गांव के सड़कें एकदम खराब हो चुकी है। खबर लिखे जाने तक कई घंटो से अधिक समय से घेराव कर तीस से चालीस हाइवा को इन महिलाओं द्वारा रोक दिया है। महिलाओं का आरोप है। रेत खदान से लगातार वैध और अवैध परिवहन के चलते बस्ती की सड़क पूरी तरह से बरबाद हो गयी है। जिसकी शिकायत के बाद भी प्रशासन ने कोई एक्शन नहीं लिया है। वंही पुलिस को वसूली से फुरसत नहीं है। इसलिए जब तक रेत से भरे वाहनों का परिवहन बन्द नहीं किया जाता है। तब तक किसी भी हाइवा को छोड़ा नहीं दिया जाएगा।
हाइवा को बनाया बंधक
खबर पचपेढ़ी थाना क्षेत्र के सोन गांव से है। खबर लिखे जाने से पहले कई घन्टे से डेढ़ दर्जन से अधिक स्थानीय स्व सहायता समूह की महिलाओं ने रेत से भरे करीब तीस से चालीस हाइवा को बन्धक बनाया है। इस घटना के चलते सोन गांव में जमकर बवाल मचा हुआ है। महिलाओं को समझाने में पुलिस को पसीना छूट रहा है। रेत माफियों और वाहन मालिकों की हालत पस्त है।
महिला समूह ने खोला मोर्चा
शिव शक्ति महिला स्व सहायता समूह की प्रमुख विशाखा बाई केवट ने बताया कि रेत माफियों ने जीना मुश्किल कर दिया है। जहां रेत का वैध रूप से लगातार परिवहन किया जा रहा है ,उससे कहीं ज्यादा अवैध रूप से रेत के दिन रात परिवहन एवं रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। मामले में पुलिस और प्रशासन से कई बार हमने शिकायत की है। बावजूद इसके रेत माफियों के खिलाफ ना तो प्रशासन कुछ बोल रहा है। और पुलिस का बोलने का सवाल ही नहीं उठता है। पुलिस और बिलासपुर के रेत माफिया के बीच गहरी सांठ गांठ है।6. दिन रात परिवहन
7. विशाखा बाई ने बताया कि दिन की बात समझ में आती है। लेकिन यहां पूरी रात हाइवा से रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है। तेज रफ्तार हाइवा की चपेट में आने से आए दिन किसी न किसी की जान जा रही है। लेकिन किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। भारी वाहन चलने से सड़क की स्थिति बद से बदतर हो गयी है।
सड़को की हालत जर्जर
महिलाओं ने बताया कि आज हमने रेत से भरे करीब बीस से अधिक हाइवा को पकड़कर कुछ देर सड़क पर खड़ा किया। जब प्रशासन का कोई नुमाइंदा नहीं पहुंचा तो सभी तीस हाइवा को सोन के सब्जी बाजार में खड़ा कर दिया है। इसके अलावा करीब रेत से भरे दस से अधिक हाइवा को सड़क पर ही रोक दिया है। हमारी मांग है कि कितना भी बड़ा रसूखदार रेत माफिया क्यों न हो… हर शर्त पर रेत का अवैध उत्खनन बन्द करे। क्योंकि इस समय रेत घाट से उत्खनन पर रोक है। फिर भी रेत का परिवहन किया जा रहा है ,इसके अलावा जर्जर सड़कों की हालत ठीक किया जाए।दूसरे बस्ती के बीच से हाइवा के परिवहन पर रोक लगायी जाए।
रसूखदार के सामने प्रशासन मौन
इसके अलावा महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि सोन से बसंतपुर के बीच चार किलोमीटर की सड़क चलने लायक बिलकुल नहीं रह गयी है। हमने चक्काजाम कर प्रशासन की आंख और कान खोलने का प्रयास किया है। हमें जानकारी मिली है कि रेत उत्खनन का काम बिलासपुर शहर का कोई रसूखदार व्यक्ति कर रहा है। जिसका शासन प्रशासन में अच्छी दखल है। लेकिन हम रेत माफिया के रूतबे के सामने झुकने को तैयार नहीं है।
पुलिस जोड़ रही हाथ पैर
खबर लिखे जाने तक महिलाओ को पुलिस प्रशासन ने समझाने का प्रयास किया। बावजूद इसके महिलाओं ने एक भी गाड़ी छोड़ने से इंकार कर दिया है। जानकारी मिल रही है कि करीब पांच या छह गाड़ियों को महिलाओं ने जाने दिया है। बाकी गाड़ियों को अभी भी बन्धक बनाकर रखा है।




