रायपुर।ठंड के मौसम में जरूरतमंद बुज़ुर्गों के लिए सेवा और मानवीय संवेदना का अनुकरणीय उदाहरण सामने आया, जब रायपुर स्थित शरणार्थी वृद्ध माता केंद्र एवं विद्याश्रम आंगनवाड़ी (पीछे) में कुल 104 कंबलों का वितरण किया गया। यह सेवा कार्यक्रम राष्ट्रीय हिंदू संगठन छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष खोकन कुंडू के माध्यम से संपन्न हुआ, जिसमें माननीय विकास रूपरेला दानदाता रहे।
इस अवसर पर चंदन दीवानी, महेश खिलवानी, गणेश दास सहित अन्य सहयोगियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कंबलों के साथ-साथ बुज़ुर्ग माताओं को बिस्किट भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान खोकन कुंडू ने कहा कि वृद्ध आश्रम में निरंतर सेवा, जन्मदिन जैसे आयोजनों के माध्यम से बुज़ुर्गों के चेहरों पर मुस्कान लाना ही सच्ची सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी जन्मदिन के अवसर पर 25 कंबल वितरित किए गए थे।

कार्यक्रम में बुज़ुर्ग माताओं के मनोरंजन हेतु गीत-संगीत भी प्रस्तुत किया गया। “किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार… जीना इसी का नाम है” जैसे भावपूर्ण गीतों ने वातावरण को संवेदनशील और आत्मीय बना दिया।
इसके बाद पी.एल. होम नंबर-1 में रहने वाली शरणार्थी वृद्ध माताओं से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया गया। उल्लेखनीय है कि यहां कई माताएं 1970 से निवासरत हैं और शासन से उन्हें मात्र ₹500 प्रतिमाह की सहायता मिलती है, जिससे वे अत्यंत दयनीय परिस्थितियों में जीवनयापन कर रही हैं। यहां 79 वृद्ध माताओं को कंबल व बिस्किट वितरित किए गए। साथ ही पी.एल. होम नंबर-3 से आई माताओं को भी यह सहायता प्रदान की गई।
कार्यक्रम के अंत में वृद्ध माताओं की देखभाल में समर्पित लक्ष्मी दीदी को सम्मानित किया गया। वहीं खोकन कुंडू को चंदन दीवानी, महेश खिलवानी एवं सहयोगियों द्वारा शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मान प्रदान किया गया,यह आयोजन न केवल सामाजिक सेवा का उदाहरण बना, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा भी दे गया।



