बिलासपुर 16 अप्रैल 2026/ जीवनदायिनी अरपा नदी को प्रदूषण मुक्त कर उसकी प्राचीन गरिमा लौटाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। केन्द्रीय राज्यमंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू के सतत प्रयासों और मार्गदर्शन में 248.43 करोड़ की नई कार्ययोजना तैयार कर शासन को अंतिम स्वीकृति के लिए प्रस्तुत की गई है।इस महत्वाकांक्षी योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अरपा नदी में गिरने वाले दूषित जल को सीधे रोककर उसका वैज्ञानिक उपचार किया जाएगा। शहर के लगभग 17 किलोमीटर क्षेत्र में नदी के दोनों किनारों पर मजबूत ड्रेनेज नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इसमें करीब 10 किलोमीटर लंबी डाइवर्जन सीवर लाइन बनाई जाएगी। इसके माध्यम से नदी में गिरने वाले लगभग 70 नालों के गंदे पानी को बीच में हो इंटरसेप्ट कर नदी में जाने से रोका जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर मंत्री साहू ने परियोजना की शीघ्र स्वीकृति का आग्रह किया है, ताकि अरपा के पुनरुद्धार का कार्य जल्द प्रारंभ हो सके। साथ ही उन्होंने कहा कि अरपा केवल एक नदी नहीं, बल्कि बिलासपुर की पहचान और आस्था का प्रतीक है। 248.43 करोड़ की यह योजना अरपा को स्वच्छ, अविरल और जीवंत बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। उनका लक्ष्य है कि आने वाले समय में बिलासपुर वासियों को स्वच्छ और निर्मल अरपा का दर्शन हो सके।योजना में एक और महत्वपूर्ण सुधार करते हुए पुराने प्रस्ताव के स्थान पर अत्याधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण को शामिल किया गया है,तकनीकी दृष्टि से भी यह योजना अत्यंत सुदुद है। इसमें 57 स्थानों पर इंटरसेपान पर्व डाइवर्जन संरचनाएं तथा 13 डाइवर्जन वियर का निर्माण प्रस्तावित है। पूरी योजना राष्ट्रीय हरित अधिकरण के मानकों के अनुरूप विशेषज्ञ संस्था द्वारा तैयार की गई है। इसमें 5 वर्षों के संचालन एवं संधारण का प्राविधान भी किया गया है. ताकि इसकी दीर्घकालिक प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सकें। ताकि दूषित जल का पूर्ण शुद्धिकरण सुनिश्चित होगा। इससे जाल गुणवत्ता में सुधार होगा और पर्यावरण संरक्षण भी होगा।


