सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर 29 अप्रैल 2026/ शहर की सड़कों पर इन दिनों ई-रिक्शाओं की बेतहाशा बढ़ोतरी ने यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। अनुमानतः करीब 10 हजार से अधिक ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिनमें से कई चालक बिना नियमों की जानकारी के मनमाने ढंग से वाहन चला रहे हैं। इसका सीधा असर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर पड़ रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है। ई-रिक्शा चालकों द्वारा कहीं भी अचानक वाहन रोक देना, बिना संकेत मोड़ लेना और सवारी बैठाने के लिए बीच सड़क में रुक जाना आम बात हो गई है। इससे पीछे चल रहे वाहन अक्सर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। इतना ही नहीं, कई बार मामूली टक्कर के बाद चालकों और सवारियों के बीच विवाद की स्थिति भी बन जाती है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए ट्रैफिक पुलिस ने अब सख्ती शुरू कर दी है। सभी ई-रिक्शा चालकों को 5 मई तक अपने वाहन के दस्तावेज और लाइसेंस यातायात थाने में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पिछले दो-तीन वर्षों में शहर में ई-रिक्शाओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। नाबालिगों, युवाओं और महिलाओं द्वारा भी ई-रिक्शा चलाया जा रहा है, जिससे यह एक रोजगार का साधन तो बना है, लेकिन इसके साथ ही यातायात पर दबाव भी बढ़ा है। पहले से ही संकरी और व्यस्त सड़कों पर अचानक बढ़े इस बोझ ने समस्या को और जटिल बना दिया है।
शहर में ई-रिक्शाओं के अलावा करीब 5 हजार पेट्रोल और डीजल ऑटो भी संचालित हो रहे हैं। इसके बावजूद इन वाहनों के संचालन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं दिख रहा है। चौक-चौराहों पर नो-पार्किंग नियमों की अनदेखी करते हुए सड़क किनारे ऑटो खड़े कर सवारी का इंतजार करना आम हो गया है, जिससे जाम की स्थिति बनती रहती है।
जरूरत सख्त नियमों और जागरूकता की
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि ई-रिक्शा चालकों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देना और नियमित निगरानी भी जरूरी है। साथ ही, शहर में सुव्यवस्थित स्टैंड और पार्किंग व्यवस्था विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे, तभी यातायात व्यवस्था पटरी पर लौट सकती है।

ट्रैफिक पुलिस ने कसा शिंकजा
ट्रैफिक पुलिस ने ई रिक्शा व आटो चालकों को अपने गाड़ी के दस्तावेज, लाइसेंस 5 मई तक यातायात थाने में जमा कराने का निर्देश दिया है। इसके अलावा सभी चालकों अनिवार्य रूप से ड्रेस पहने को कहा गया है। 5 मई के बाद ट्रैफिक पुलिस अभियान चलाकर चालकों के ड्रेस व दस्तावेजों की जांच करेगी। गड़बड़ी पाए जाने पर सीधे प्रकरण बनाकर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
होगी कार्रवाई
शहर में 10 हजार से अधिक ई रिक्शा व 5 हजार आटो चल रहे हैं। सभी को 5 मई तक दस्तावेज जमा करने व ड्रेस पहनकर गाड़ी चलाने का आदेश दिया गया है। उसके बाद अभियान चलाकर जांच की जाएगी। नियम तोड़ने पर प्रकरण बनाकर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
– रामगोपाल करियारे
– ट्रैफिक एडीशनल एसपी




