सुरेश सिंह बैस
बिलासपुर29 अप्रैल 2026/ शहर में संचालित नारायणा ई-टेक्नो स्कूल इन दिनों गंभीर विवादों में घिर गया है। पालकों और छात्रों से कथित धोखाधड़ी के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं ने इस प्रकरण को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। मामले के अनुसार, स्कूल प्रबंधन पर आरोप है कि बच्चों को प्रवेश दिलाने के नाम पर अभिभावकों से मोटी फीस वसूली गई, लेकिन बाद में कई अनियमितताएं सामने आईं। आरोप यह भी है कि बच्चों को बिना मान्यता के पढ़ाया जा रहा था और सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा दिलाने के नाम पर अभिभावकों को गुमराह किया गया। जब सच्चाई सामने आई, तो पालकों में आक्रोश फैल गया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज
पूर्व महापौर समेत कई जनप्रतिनिधियों ने इस मामले को “अमानत में खयानत” करार देते हुए कहा कि यह सीधे-सीधे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की कि स्कूल प्रबंधन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई संस्था ऐसी हिम्मत न कर सके। वहीं, पूर्व पार्षदों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी लापरवाही बिना प्रशासनिक मिलीभगत के संभव नहीं है। राज्य शासन से भी हस्तक्षेप कर सख्त कदम उठाने की मांग की गई है।
अभिभावकों की पीड़ा
पीड़ित अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए स्कूल में दाखिला कराए थे, लेकिन अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। कई पालकों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहता।
मान्यता और व्यवस्था पर उठे सवाल
मामले ने यह भी उजागर किया है कि स्कूल की मान्यता और संचालन को लेकर गंभीर अनियमितताएं थीं। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बिना उचित अनुमति के संस्था कैसे संचालित होती रही और जिम्मेदार विभाग क्यों मौन रहा।
प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
जनप्रतिनिधियों और पालकों ने एक स्वर में मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, प्रभावित छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए और ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त निगरानी तंत्र विकसित किया जाए।
यह प्रकरण न केवल एक स्कूल की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत को भी रेखांकित करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता और सख्ती दिखाता है।




