रायपुर 4 मई 2026/ सुबह से मंदिर के पास बैठी एक डरी-सहमी युवती… न फोन, न रास्ता, न कोई सहारा—और यहीं से शुरू होती है एक राहत की कहानी। 04 मई 2026 को डगनिया बाजार स्थित शिव मंदिर के पास एक अनजान युवती के घंटों से बैठे होने की सूचना मिलती है, नाम पता पूछने पर वह घबराई हुई हालत में कुछ साफ नहीं बता पाती, हालात ऐसे कि तुरंत मदद जरूरी दिखती है, तभी पश्चिमी जोन की पिंक पेट्रोलिंग यूनिट मौके पर पहुंचती है और संवेदनशीलता के साथ बातचीत शुरू करती है, धीरे-धीरे कहानी खुलती है—युवती पूजा सिंधी उम्र करीब 23 वर्ष, जो अपनी बुआ के घर तेलीबांधा गई थी, वहां से सहेली के घर सुंदर नगर जाने निकली लेकिन सही पता न होने के कारण रास्ता भटक गई, ऊपर से मोबाइल फोन भी नहीं था, डर और असमंजस ने उसे पूरी तरह असहाय बना दिया, लेकिन यहीं से पुलिस की सक्रियता कहानी का मोड़ बनती है, पिंक पेट्रोलिंग टीम युवती से उसके परिजनों का संपर्क नंबर लेती है, कॉल कर जानकारी सत्यापित करती है और पता चलता है कि वह रामसागर पारा की रहने वाली है, इसके बाद बिना समय गंवाए पुलिस उसे अपने वाहन में सुरक्षित बैठाकर सीधे उसके घर पहुंचाती है और परिजनों को सकुशल सौंप देती है, एक छोटी सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती थी लेकिन समय पर मिली मदद ने कहानी को राहत में बदल दिया, बहरहाल यह घटना बताती है कि जब पुलिस संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करे तो डर भी भरोसे में बदल जाता है।







