धमतरी में अब जनता की शिकायतें सिर्फ फाइलों में नहीं दबेंगी, बल्कि पुलिस स्टॉल पर सीधे सुनी जाएंगी और मौके पर समाधान की कार्रवाई होगी, क्योंकि “सुशासन तिहार” को लेकर धमतरी पुलिस पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गई है। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने 8 मई 2026 को जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना-चौकी प्रभारियों की बड़ी समीक्षा बैठक लेकर साफ संदेश दिया कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी निराकरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कानून व्यवस्था से लेकर जनसंपर्क और शिकायत निवारण तक हर बिंदु पर गहन चर्चा हुई। एसपी ने निर्देश दिए कि सुशासन तिहार के दौरान जिलेभर में विशेष पुलिस स्टॉल लगाए जाएं, जहां आम नागरिक सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकें और उन्हें तत्काल राहत मिल सके। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार पांडेय को जिला स्तरीय नोडल अधिकारी बनाया गया, जबकि राजपत्रित अधिकारियों को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई ताकि हर शिकायत की मॉनिटरिंग हो सके और समाधान में देरी न हो। एसपी सूरज सिंह परिहार ने थाना और चौकी प्रभारियों को दो टूक कहा कि जनता के साथ व्यवहार संवेदनशील और जवाबदेह होना चाहिए, क्योंकि पुलिस की जिम्मेदारी सिर्फ अपराध रोकना नहीं बल्कि लोगों में सुरक्षा और भरोसे का माहौल कायम करना भी है। बैठक में संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी, बेहतर पुलिसिंग, जनसंपर्क बढ़ाने और थाना स्तर पर आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने पर जोर दिया गया। समीक्षा बैठक में सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी, एसडीओपी कुरूद रागिनी मिश्रा, डीएसपी मोनिका मरावी, डीएसपी भानु प्रताप चंद्राकर, डीएसपी मीना साहू, एसडीओपी नगरी विपिन रंगारी और डीपीओ अजय सिंह सहित जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी मौजूद रहे। पुलिस विभाग ने साफ कर दिया है कि सुशासन तिहार सिर्फ सरकारी आयोजन नहीं बल्कि जनता और पुलिस के बीच भरोसे की नई कड़ी बनेगा। फिलहाल, धमतरी पुलिस का यह सख्त और जनहितैषी रवैया बता रहा है कि अब शिकायतों पर सिर्फ सुनवाई नहीं, बल्कि जमीन पर तेज कार्रवाई भी दिखाई देगी।







