Close Menu
The Bharat TimesThe Bharat Times
    What's Hot

    08 मई मानवता को समर्पित: अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस दिवस

    08/05/2026 - 11:56 AM

    उपलब्धि से आत्मबोध: समकालीन प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा में जीवन-कौशल और भावबोध का पुनर्विचार

    08/05/2026 - 11:54 AM

    बिलासपुर में सट्टे का ‘रिमोट कंट्रोल’ : दूसरे राज्यों से ऑपरेट हो रहा ऑनलाइन नेटवर्क,गिरफ्तारी के बाद सामने आए बड़े नाम

    08/05/2026 - 11:51 AM
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Friday, May 8
    Facebook X (Twitter) Instagram
    The Bharat TimesThe Bharat Times
    Demo
    • होम
    • मेरा शहर
    • छत्तीसगढ़
      • सारंगढ़ बिलाईगढ़
      • बलौदाबाजार
      • कोरबा
      • बिलासपुर
      • अंबिकापुर
      • रायपुर
    • मध्य प्रदेश
      • डिंडोरी
        • समनापुर
        • करंजिया
        • अमरपुर
        • सहपुरा
          • बजाग
        • मेंहदवानी
    • देश दुनिया
    • मनोरंजन
    • राजनीति
    • होम
    • मेरा शहर
    • छत्तीसगढ़
    • मध्य प्रदेश
    • देश दुनिया
    • मनोरंजन
    • राजनीति
    The Bharat TimesThe Bharat Times
    छत्तीसगढ़ बिलासपुर

    480 भवनों में नहीं है रेन वाटर हार्वेस्टिंग, हर साल व्यर्थ बह रहा करोड़ों लीटर पानी

    HD MAHANTBy HD MAHANT08/05/2026 - 11:48 AM
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

    सिस्टम लगे तो 80 करोड़ लीटर तक पानी बचाने की संभावना, निगम नागरिक दोनों उदासीन

     

    – सुरेश सिंह बैस
    बिलासपुर 8 मई 2026/ भीषण गर्मी और लगातार गिरते भूजल स्तर के बीच शहर में जल संरक्षण को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। नगर निगम क्षेत्र के लगभग 480 सरकारी और निजी भवनों में अब तक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन भवनों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था हो जाए तो हर साल करीब 80 करोड़ लीटर पानी बचाया जा सकता है। शहर में हर वर्ष एक हजार से अधिक नए आवासीय और व्यावसायिक भवन बन रहे हैं। नगर निगम इन भवनों के नक्शे भी स्वीकृत कर रहा है, लेकिन जल संरक्षण के नियमों का पालन कराने में गंभीरता नहीं दिखाई दे रही। कई भवनों में नियमों के बावजूद रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम केवल कागजों तक सीमित है।

    13 वर्षों में हजारों भवन बने, फिर भी अधूरी व्यवस्था

    नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार पिछले 13 वर्षों में 3582 भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाने का दावा किया गया है। बावजूद इसके बड़ी संख्या में भवनों में यह व्यवस्था नहीं है। निगम क्षेत्र के 82 शासकीय और 118 निजी भवनों में अब तक सिस्टम स्थापित नहीं किया गया। पुराने भवनों में जगह की कमी को कारण बताया जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञ इसे प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमी मान रहे हैं।
    राज्य सरकार ने भूगर्भ जल स्तर बनाए रखने के उद्देश्य से सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य किया है। इसके पीछे उद्देश्य यह है कि बारिश का पानी नालियों में बहकर बर्बाद होने के बजाय जमीन में समाहित हो सके और भूजल स्तर संतुलित बना रहे।

    निगम के पास जमा हैं 10 करोड़ रुपए

    जानकारी के अनुसार भवन अनुज्ञा के दौरान नगर निगम रेन वाटर हार्वेस्टिंग के नाम पर शुल्क वसूलता रहा है। पिछले कई वर्षों में यह राशि बढ़ते-बढ़ते करीब 10 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। लेकिन विडंबना यह है कि जिन लोगों ने राशि जमा की, उनमें से अधिकांश ने अब तक सिस्टम नहीं लगाया और निगम ने भी इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की। विशेषज्ञों का कहना है कि निगम चाहे तो इस राशि का उपयोग कर सामूहिक स्तर पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग परियोजनाएं शुरू कर सकता है। इससे जल संकट से जूझ रहे कई इलाकों को राहत मिल सकती है।

    250 से 300 फीट नीचे पहुंचा जल स्तर

    शहर में भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। एक समय जहां 150 से 200 फीट में पानी मिल जाता था, वहीं अब कई क्षेत्रों में 250 से 300 फीट तक बोरिंग करनी पड़ रही है। लगातार बढ़ते दोहन, कंक्रीट के फैलाव और वर्षा जल के संरक्षण की कमी ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। जल विशेषज्ञों के अनुसार यदि व्यवस्थित रूप से रेन वाटर हार्वेस्टिंग लागू किया जाए तो वर्षा के लगभग 40 प्रतिशत पानी को संरक्षित किया जा सकता है। इससे न केवल भूजल स्तर सुधरेगा, बल्कि गर्मी के दिनों में पेयजल संकट भी काफी हद तक कम हो सकेगा।

    नागरिक भी नहीं दिखा रहे रुचि

    नगर निगम द्वारा भवन अनुज्ञा के समय रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए शुल्क निर्धारित किया गया है। नियमों के अनुसार निर्माण क्षेत्रफल के आधार पर शुल्क लिया जाता है और सिस्टम लगाने पर राशि वापस भी की जाती है। इसके बावजूद अधिकांश लोग केवल औपचारिकता पूरी कर रहे हैं।
    शहर में 150 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले हजारों भवनों में अब तक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब जल संकट लगातार गहराता जा रहा है, तब प्रशासन और नागरिक दोनों इस गंभीर विषय पर आखिर कब चेतेंगे।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    HD MAHANT
    • Facebook
    • Instagram

    Editor in chief

    Related Posts

    08 मई मानवता को समर्पित: अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस दिवस

    08/05/2026 - 11:56 AM

    उपलब्धि से आत्मबोध: समकालीन प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा में जीवन-कौशल और भावबोध का पुनर्विचार

    08/05/2026 - 11:54 AM

    बिलासपुर में सट्टे का ‘रिमोट कंट्रोल’ : दूसरे राज्यों से ऑपरेट हो रहा ऑनलाइन नेटवर्क,गिरफ्तारी के बाद सामने आए बड़े नाम

    08/05/2026 - 11:51 AM

    पुराने विवाद में महावीर चौक बना रणक्षेत्र, गले पर चाकू मार युवक की हत्या

    07/05/2026 - 7:56 PM

    सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में पद्मिनी भोई साहू को मिली कलेक्टर की जिम्मेदारी

    07/05/2026 - 4:50 PM

    IPL सट्टे पर धमतरी पुलिस का शिकंजा, रेड्डीअन्ना नेटवर्क चलाता युवक रंगेहाथ गिरफ्तार

    07/05/2026 - 2:49 PM
    Editors Picks

    08 मई मानवता को समर्पित: अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस दिवस

    08/05/2026 - 11:56 AM

    उपलब्धि से आत्मबोध: समकालीन प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा में जीवन-कौशल और भावबोध का पुनर्विचार

    08/05/2026 - 11:54 AM

    बिलासपुर में सट्टे का ‘रिमोट कंट्रोल’ : दूसरे राज्यों से ऑपरेट हो रहा ऑनलाइन नेटवर्क,गिरफ्तारी के बाद सामने आए बड़े नाम

    08/05/2026 - 11:51 AM

    480 भवनों में नहीं है रेन वाटर हार्वेस्टिंग, हर साल व्यर्थ बह रहा करोड़ों लीटर पानी

    08/05/2026 - 11:48 AM
    About Us
    About Us

    एच. डी. महंत
    मुख्य संपादक

    📍 Official Address:
    Shop No. 2, Ground Floor, Gokul Apartment
    Near Shyam Nagar Chowk, Shyam Nagar, Telibandha
    Raipur, Chhattisgarh – 492013

    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Udyam Registration
    Udyam Registration

    UDYAM-CG-33-0000933

    post calendar
    May 2026
    M T W T F S S
     123
    45678910
    11121314151617
    18192021222324
    25262728293031
    « Apr    
    © 2026 The Bharat Times. Designed by Nimble Technology.
    • About Us
    • Disclaimer
    • Privacy Policy
    • Terms & Conditions
    • Refund Policy
    • Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.