बिलासपुर 18 मई 2026/ जोनल रेलवे स्टेशन में पिछले आठ साल से बंद पड़े रेल नीर प्लांट को फिर से शुरू करने की कवायद अब तक अधूरी है। कोलकाता की कंपनी द्वारा संचालन बंद करने के बाद प्लांट पर ताला लग गया था। आईआरसीटीसी ने इसे दोबारा खोलने का निर्णय लिया था, लेकिन तकनीकी अड़चनों के चलते अब तक उत्पादन शुरू नहीं हो पाया है। प्लांट बंद होने का सीधा असर बिलासपुर समेत रायपुर, दुर्ग, रायगढ़, शहडोल, पेंड्रारोड, कटनी, मुरवारा और झारसुगुड़ा जैसे स्टेशनों पर पड़ा है। इन सभी स्टेशनों पर पहले यहीं से रेल नीर की बोतलों की सप्लाई होती थी। फिलहाल इन स्टेशनों पर रेल नीर की सप्लाई नागपुर से की जा रही है। प्रतिदिन नागपुर से गोंदिया होते हुए रायपुर, बिलासपुर और झारसुगुड़ा तक पानी की पेटियां भेजी जा रही हैं। लंबी दूरी से सप्लाई होने के कारण स्टॉल संचालकों को एक पेटी पर 6 रुपये अतिरिक्त ढुलाई देना पड़ रहा है। पहले बिलासपुर में एक पेटी की कीमत 120 रुपये थी, जो अब बढ़ गई है। यात्रियों की मांग पूरी न हो पाने से स्टॉल संचालकों को परेशानी हो रही है। रेलवे बोर्ड के आदेश के बाद आठ साल पहले लोकल ब्रांड के पानी की बिक्री बंद कर सिर्फ रेल नीर बेचने का नियम लागू हुआ था। लेकिन प्लांट बंद होने के बाद रेल प्रशासन ने अमरकंटक, शिवनाथ और किनले जैसे लोकल ब्रांड के पानी को स्टॉल पर बेचने की अस्थायी छूट दे दी है। सीनियर डीसीएम, रेल मंडल बिलासपुर अनुराग कुमार सिंह के अनुसार, प्लांट काफी दिनों से बंद है। तकनीकी समस्या के कारण इसे खोलने में देरी हुई, लेकिन टेंडर व अन्य प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। प्लांट शुरू होते ही बिलासपुर से ही सप्लाई जल्द बहाल कर दी जाएगी। बिलासपुर में यह प्लांट दानापुर से सप्लाई बंद होने के बाद सिंगरौली औद्योगिक क्षेत्र में लगाया गया था। तब से लेकर आठ साल तक यहां उत्पादन और सप्लाई सुचारू थी। अब यात्री और स्टॉल संचालक दोनों ही प्लांट के दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।





