रायपुर 18 मई 2026/ राजधानी रायपुर में उस वक्त खाकी की चौकसी पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी और हाई अलर्ट सुरक्षा व्यवस्था के बीच वीवीआईपी इलाके में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता धरमलाल कौशिक सरेराह स्नैचिंग का शिकार हो गए। घटना ने न सिर्फ पुलिस की पेट्रोलिंग व्यवस्था की पोल खोल दी, बल्कि यह भी बता दिया कि राजधानी में बदमाशों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं। जानकारी के मुताबिक बिलासपुर जिले की बिल्हा विधानसभा सीट से चौथी बार विधायक रहे धरमलाल कौशिक रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। वे रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित भारत माता चौक के पास अकेले टहल रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार बाइक पर पहुंचे दो अज्ञात स्नैचरों ने बेहद शातिर अंदाज में उनके करीब पहुंचकर झपट्टा मारा और उनका मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। वारदात इतनी तेजी से हुई कि पूर्व नेता प्रतिपक्ष संभल भी नहीं पाए और बदमाश आंखों से ओझल हो गए। जैसे ही घटना की सूचना पुलिस अधिकारियों तक पहुंची, पूरे महकमे में हड़कंप मच गया। राजधानी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले शंकर नगर और सिविल लाइन जैसे वीवीआईपी इलाके में सत्ता पक्ष के इतने बड़े चेहरे के साथ हुई इस घटना ने कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। खास बात यह है कि जिस वक्त पूरा प्रशासन अमित शाह के दौरे को लेकर सुरक्षा दावों में व्यस्त था, उसी दौरान बदमाशों ने पुलिस व्यवस्था को खुली चुनौती दे दी। अब सवाल उठ रहा है कि जब पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ विधायक ही राजधानी में सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता किस भरोसे सड़क पर निकले। फिलहाल सिविल लाइन थाना पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और बाइक सवार आरोपियों की तलाश में जुटी है, लेकिन इस घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था की चमक पर बड़ा धब्बा जरूर लगा दिया है। बहरहाल, अमित शाह के दौरे के बीच हुई यह हाई प्रोफाइल स्नैचिंग अब सिर्फ एक लूट नहीं, बल्कि राजधानी की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक सवाल बन चुकी है।





