बिलासपुर 26 मई 2026/ प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी द्वारा बसंती वर्मा को हिंदी साहित्य अकादमी गांधीनगर अहमदाबाद (गुजरात ) द्वारा साहित्य वाचस्पति की मानद उपाधि प्रदान किए जाने के उपलक्ष में सम्मान समारोह का आयोजन होटल बंसी वाला के भव्य सभागार में किया गया ।यह आयोजन न्यायमूर्ति चंद्रभूषण वाजपेई के मुख्य आतिथ्य डॉ विनय कुमार पाठक पूर्व अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति थावे विद्यापीठ गोपालगंज बिहार की अध्यक्षता, डॉ विनोद कुमार वर्मा समीक्षक एवं भाषाविद एवं चंद्र प्रकाश बाजपेई पूर्व विधायक तथा विष्णु कुमार तिवारी समीक्षक एवं मानस मर्मज्ञ के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुआ ।
मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति चंद्रभूषण वाजपेई ने संबोधन में कहा कि “श्रीमती बसंती वर्मा ने छत्तीसगढ़ी काव्य संग्रह-” मोर अंगना के फूल” “(2012 )को विमर्श के साथ प्रकाशित करके प्रथम बार जो उपलब्धि हासिल की उस परिप्रेक्ष्य में उनके अवदान को उल्लेखनीय निर्दिष्ट करते हुए उन्हें हिंदी साहित्य अकादमी गुजरात ने साहित्य वाचस्पति की जो मानद् उपाधि प्रदान की है इस उपलक्ष्य में बिलासपुर के हम साहित्यकारों व सुधी जनों द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन समसामयिक है ।” अध्यक्षता की आसंदी से डॉ विनय कुमार पाठक ने कहा कि “एक छत्तीसगढ़ी कवयित्री के रूप में बसंती वर्मा ने जो पहचान स्थापित की है, तथा डॉ विनोद कुमार वर्मा के साथ मिलकर विमर्श सहित जो प्रथम काव्य संग्रह प्रकाशित किया है, उससे वह चर्चित एवं यशस्वी रही हैं । हिंदी साहित्य अकादमी द्वारा उन्हें सम्मान मिलना छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए गौरव का विषय है ।”डॉ विनोद कुमार वर्मा ने अपने वक्तव्य में अकादमी के रजत जयंती समारोह की चर्चा करते हुए उन्हें प्रमुख अतिथि बनकर उनके व्याकरणाचार्य के रूप में हिंदी और छत्तीसगढ़ी के संपूर्ण व्याकरण के लिए राजभाषा रत्न से सम्मानित करना और साथ में बसंती वर्मा को साहित्य वाचस्पति की मानद उपाधि प्रदान करना उनके लिए यादगार दिवस रहा है ।चंद्र प्रकाश बाजपेई ने जहां वर्मा दंपति को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी । वहीं विष्णु कुमार तिवारी ने प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी से जुड़े लोगों की श्रृंखला में वसंती वर्मा के योगदान को प्रासंगिक निरूपित किया । कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा किया गया । इस अवसर पर सरस्वती पूजन और मानसी खंडेलवाल के सरस्वती वंदना से आरंभ हुआ। अतिथियों का स्वागत करते हुए डॉ रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने 60 वर्षों से सतत् सक्रिय प्रयास प्रकाशन सहित्य अकादमी की उपलब्धि का ब्यौरा दिया।बसंती वर्मा को श्रीफल व स्मृति चिन्ह देकर अतिथियों ने जहां सम्मानित किया , वहीं डॉ गजेंद्र तिवारी ने अभिनंदन पत्र भेंट करके उन्हें सम्मानित किया ।
इसी क्रम में अंतर्राष्ट्रीय कथक नृत्यांगना आंचल पांडे ,अग्रहरि समाज के राष्ट्रीय पदाधिकारी रोशन गुप्ता, कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ एन के चौरे और मधु चौरे, डॉ श्वेता कश्यप, राहुल वर्मा, ज्योति गभेल एवं उपस्थित साहित्यिक समितियां एवं नागरिक जनों ने श्रीमती बसंती वर्मा का सम्मान किया । सम्मान समारोह के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करती हुई श्रीमती बसंती वर्मा ने अपनी साहित्य की यात्रा का विवरण देती हुई एक प्रतिनिधि कविता सुनाकर वातावरण को सरस बना दिया। कार्यक्रम का संचालन और आभार प्रदर्शन डॉ राघवेन्द्र कुमार दुबे ने किया । इस अवसर पर जिन लोगों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही उनमें राहुल वर्मा, श्वेता वर्मा, डाॅ रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, डाॅ गजेन्द्र तिवारी, शीतल प्रसाद पाटनवार, भूपेन्द्र धर दीवान, ध्रुव देवांगन,राजेश सोनार, डाॅ सत्यनारायण तिवारी,एन के शुक्ला,राकेश खरे,आँचल पाण्डेय,रीना झा , यागिनी तिवारी,पंकज खंडेलवाल, तेरस यादव, डाॅ आशीष श्रीवास एवं परिवार जनों की उपस्थिति प्रमुख रही ।






