बिलासपुर 2 जून 2026/ जिले में जल संरक्षण और भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए चलाए जा रहे ‘भू-जल संजीवनी अभियान’ को नई मजबूती मिली है। नगर निगम और ठेकेदार संघ के संयुक्त प्रयास से शहर में अब कुल 100 इंजेक्ट वेल बनाए जाएंगे। इस संबंध में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे और ठेकेदार संघ के पदाधिकारियों के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में 50 अतिरिक्त इंजेक्ट वेल निर्माण पर सहमति बनी। बैठक में जल संरक्षण की आवश्यकता, भविष्य में संभावित जल संकट की चुनौतियां तथा वर्षा जल के अधिकतम संचयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद ठेकेदार संघ ने सामाजिक दायित्व निभाते हुए 50 इंजेक्ट वेल निर्माण में सहयोग देने का निर्णय लिया। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा कलेक्टर संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में पूरे जिले में भू-जल स्तर बढ़ाने और वर्षा जल संरक्षण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में नगर निगम द्वारा पहले ही क्रेडाई (CREDAI) के सहयोग से शहर में 50 इंजेक्ट वेल निर्माण का कार्य शुरू किया जा चुका है। अब ठेकेदार संघ के सहयोग से 50 और इंजेक्ट वेल बनाए जाने से यह संख्या बढ़कर 100 हो जाएगी। नगर निगम के अनुसार इंजेक्ट वेल का निर्माण प्रारंभिक चरण में शहर के उन क्षेत्रों में किया जाएगा, जहां भू-जल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है। इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल को सीधे जमीन के भीतर पहुंचाया जाएगा, जिससे भू-जल भंडार को पुनर्भरण मिलेगा और जल संकट से निपटने में सहायता मिलेगी।
नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने कहा कि जनभागीदारी और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से जल संरक्षण के प्रयास अधिक प्रभावी बन सकते हैं। वहीं ठेकेदार संघ ने भी पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। विशेषज्ञों का मानना है कि शहर में 100 इंजेक्ट वेल बनने से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा, भू-जल स्तर में सुधार आएगा और आने वाले वर्षों में जल संकट की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। जल संरक्षण की दिशा में यह पहल बिलासपुर के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम साबित हो सकती है।




