जांजगीर-चांपा 8 जून 2026/ घर से अचानक लापता हुई नाबालिग बालिका की तलाश में जुटी बलौदा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ अनाचार करने वाले आरोपी को पुलिस ने कोरबा जिले से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस मामले ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, प्रार्थी ने थाना बलौदा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री 5 मार्च 2026 को बिना बताए घर से कहीं चली गई है। परिजनों को आशंका थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत के आधार पर थाना बलौदा में अपराध क्रमांक 107/2026 के तहत धारा 137(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस ने तत्काल खोजबीन तेज कर दी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार आरोपी और बालिका की तलाश की जाती रही।
जांच के दौरान साइबर तकनीक की मदद से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके आधार पर नाबालिग बालिका को जिला कोरबा से दस्तयाब किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी दुवास केंवट पिता संतोष केंवट, उम्र 21 वर्ष, निवासी जवाली, थाना बाकीमोंगरा, जिला कोरबा, बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने नाबालिग को भगाकर ले जाने और उसके साथ अनाचार करने का अपराध स्वीकार कर लिया।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 64, 64(M), 65(1), 69 बीएनएस तथा धारा 4 एवं 6 पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिन्हा, उपनिरीक्षक कौशल सिदार, महिला प्रधान आरक्षक रामकुमारी मार्को, आरक्षक रज्जू रात्रे, लखेश विश्वकर्मा एवं महिला आरक्षक चंद्रप्रभा शांते की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बहरहाल, नाबालिगों से जुड़े अपराधों पर पुलिस की यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को कानून किसी भी कीमत पर बख्शने वाला नहीं है।






