रेल लाइनों के निकट बसे 54 से अधिक गांवों में आयोजित हुए जनसंवाद कार्यक्रम
बिलासपुर 10 जून (आरएनएस) अंतरराष्ट्रीय समपार जागरूकता सप्ताह-2026 के अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल द्वारा समपार सुरक्षा एवं रेलवे संरक्षा के प्रति जनजागरूकता फैलाने हेतु व्यापक जनसंवाद एवं ग्राम संपर्क अभियान संचालित किया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक राकेश रंजन के निर्देशन एवं वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी साकेत रंजन के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत आज मंडल के विभिन्न समपार फाटकों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।अभियान के अंतर्गत बिलासपुर मंडल के विभिन्न रेलखंडों में स्थित 54 से अधिक गांवों एवं बस्तियों में जनसंवाद एवं ग्राम संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 8600 से अधिक ग्रामीण नागरिकों, वाहन चालकों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित किया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों को समपार फाटकों को सुरक्षित रूप से पार करने, रेल लाइन के समीप सतर्कता बरतने तथा सुरक्षित रेल संचालन में जनभागीदारी के महत्व के संबंध में जागरूक किया।अभियान के दौरान बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, पेंड्रा-मरवाही, कोरिया-मनेन्द्रगढ़-भरतपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, अंबिकापुर एवं सुंदरगढ़ जिलों के अंतर्गत आने वाले अनेक गांवों एवं बस्तियों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। विशेष रूप से इमलीछापर, विकास नगर, फोकटपारा, संजय नगर, रामसागर पारा, अमरैया पारा, भिलाईखुर्द, बरबसपुर, लालमाटी, पटाड़ी, पहंदा, बंधुआभाठा, बरपाली, धुलेना, मदवा बस्ती, लोनपुर, कोठारी बस्ती, सुहागपुर, जनमिपाली, रीवापार/बालपुर, शिवनी बस्ती, चैनपुर, साल्ही, लालपुर, भरौला, अमहा एवं सिमरिया सहित अनेक गांवों में ग्रामीण नागरिकों को रेलवे सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
8600 से अधिक ग्रामीणों से किया गया प्रत्यक्ष संवाद
कार्यक्रमों के दौरान ग्रामीणों को समपार फाटकों को सुरक्षित रूप से पार करने, रेल लाइन के समीप सतर्कता बरतने, बच्चों एवं पशुओं को रेलवे ट्रैक से दूर रखने तथा रेलवे ट्रैक के आसपास किसी भी प्रकार की असुरक्षित गतिविधि से बचने के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। नागरिकों को यह भी बताया गया कि रेलवे ट्रैक पर चलना, ट्रैक को शॉर्टकट के रूप में उपयोग करना अथवा समपार फाटक बंद होने पर जल्दबाजी में उसे पार करने का प्रयास गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।ग्रामीणों को विशेष रूप से यह समझाया गया कि रेलवे ट्रैक के निकट कूड़ा-कचरा अथवा खाद्य सामग्री फेंकने से पशु ट्रैक की ओर आकर्षित होते हैं, जिससे रेल एवं पशु दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। उपस्थित ग्रामीणों से अपने पशुधन की निगरानी रखने, मवेशियों को रेलवे ट्रैक एवं समपारों से दूर रखने तथा रेलवे संरक्षा में सक्रिय सहयोग देने की अपील की गई।जागरूकता अभियान में रेलवे सुरक्षा बल, परिचालन, इंजीनियरिंग एवं संरक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। उमरिया क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रमों में रेलवे सुरक्षा बल के उप निरीक्षक, मंडल यातायात निरीक्षक, रेल पथ निरीक्षक तथा संरक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से नागरिकों की काउंसिलिंग कर उन्हें समपार सुरक्षा नियमों की जानकारी दी गई।बिलासपुर मंडल द्वारा संचालित यह अभियान केवल समपार सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले नागरिकों में संरक्षा संस्कृति विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जनभागीदारी एवं जागरूकता के माध्यम से सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करने का प्रयास निरंतर जारी है।
सुरक्षित समपार – सुरक्षित जीवन”
आपकी सतर्कता, सबकी सुरक्षा





