बिलासपुर 7 सितंबर 2026/ छठ घाट तोरवा स्थित सर्वसुविधायुक्त विशाल सांस्कृतिक भवन में आयोजित अखिल भारतीय पनिका समाज की राष्ट्रीय बैठक सामाजिक एकता, अधिकारों और एसटी आरक्षण बहाली के संकल्प का ऐतिहासिक मंच बन गई। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे समाज के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और बुद्धिजीवियों ने सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक एवं व्यावसायिक सशक्तिकरण पर सारगर्भित विचार रखे। पूरे आयोजन के दौरान सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा और समाज को संगठित होकर अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया गया।
बैठक में मौजूद सभी प्रमुख वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि समाज के लोग अपने-अपने संगठनों में सक्रिय रहते हुए एसटी आरक्षण बहाली अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप दें। इस अभियान के समन्वय की जिम्मेदारी अखिल भारतीय पनिका समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी प्रदीप महंत को सौंपी गई। उनके नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक संगठनों के सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने स्वेच्छा से प्रदेश, संभाग, जिला एवं महिला और युवा प्रकोष्ठ की जिम्मेदारियां स्वीकार कीं। मंच से सभी नवदायित्वधारियों को संगठन के अनुशासन, समर्पण और समाजहित में निष्ठापूर्वक कार्य करने का सामूहिक संकल्प भी दिलाया गया।
राष्ट्रीय बैठक में शोभित दास महंत, इंजोर दास महंत, कमलेश मानिकपुरी, सुनील मानिकपुरी, भगवान दास महंत, अंजली मानिकपुरी, कल्पना देवी मानिकपुरी, विद्या महंत, रविशंकर महंत, रामलखन दास, अमर दास मानिकपुरी, अतुल महंत, सुंदर लाल राही, कुलदीप प्रकाश टाड़िया, प्रेमसागर पंथ सहित प्रदेश, संभाग और जिला स्तर के अनेक पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। वहीं सीएल महंत, एमडी महंत, पीडी सोनवानी, जियालाल सोनवानी, हेमलाल पनिका, राजेंद्र कुमार राही समेत कई वरिष्ठ समाजसेवियों के संक्षिप्त लेकिन सारगर्भित संबोधनों की भी उपस्थित जनसमूह ने सराहना की।

कार्यक्रम की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा और मध्यप्रदेश से 500 से 700 किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंचे सैकड़ों सामाजिक प्रतिनिधियों का आयोजन समिति ने सम्मान किया। बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ समाजजनों की भागीदारी ने समाज की एकजुटता का सशक्त संदेश दिया। अंत में महासचिव शोभित दास महंत ने सभी अतिथियों, प्रतिनिधियों एवं समाजबंधुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए घोषणा की कि एसटी आरक्षण बहाली और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए यह अभियान अब गांव-गांव तक चलाया जाएगा। कार्यक्रम का समापन समाजहित और संगठन को मजबूत बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।





