बिलासपुर 10 मई 2026/ शहर के यातायात दबाव को कम करने और अशोकनगर से बिरकोना तक आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से प्रस्तावित फोरलेन सड़क निर्माण परियोजना अब अतिक्रमण और तकनीकी बाधाओं के कारण चर्चा में है। सड़क निर्माण की योजना में 18 मंदिर, 40 से अधिक बिजली पोल और कई अवैध कब्जे बन रहे बाधा, हटाने के बाद ही तैयार होगी 80 फीट चौड़ी सड़क लगभग 16.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस 80 फीट चौड़ी सड़क के निर्माण में फिलहाल 18 मंदिर, 40 से अधिक बिजली पोल और अनेक अवैध कब्जे बड़ी रुकावट बने हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि इन अवरोधों को हटाने के बाद ही निर्माण कार्य गति पकड़ सकेगा। जानकारी के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण के लिए अशोकनगर से बिरकोना मार्ग तक कई स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित है। मार्ग के किनारे बने अस्थायी निर्माण, गुमटियां तथा कुछ स्थायी कब्जों को भी चिन्हित किया गया है। बिजली विभाग द्वारा पोल शिफ्टिंग का कार्य किया जाएगा, जिसके लिए सीएसईबी ने करीब 1 करोड़ 64 लाख रुपये की मांग रखी है।
दो चरणों में होगा सड़क निर्माण
परियोजना को दो चरणों में पूरा करने की योजना बनाई गई है। पहले चरण में बिरकोना ओवरब्रिज से सिरगिट्टी तक सड़क का विस्तार किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में अशोकनगर चौक से बिरकोना तक का कार्य होगा। सड़क निर्माण के साथ-साथ नाली, डिवाइडर और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
स्थानीय लोगों को हो रही परेशानी
निर्माण कार्य और खुदाई के चलते क्षेत्र के दुकानदारों तथा राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह खुदी सड़कों और अधूरी नालियों के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि धूल, जाम और अव्यवस्थित यातायात से उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
जनहित में जरूरी है चौड़ीकरण
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने सड़क चौड़ीकरण को शहर के विकास के लिए आवश्यक बताया है। उनका कहना है कि लंबे समय से यह मार्ग संकरा होने के कारण दुर्घटनाओं और जाम की समस्या से जूझ रहा है। फोरलेन सड़क बनने के बाद अशोकनगर, सिरगिट्टी और बिरकोना क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
प्रशासन का दावा – जल्द हटेंगे अवरोध
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मंदिरों और अन्य संरचनाओं को लेकर संबंधित पक्षों से चर्चा की जा रही है। सहमति बनने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होगी। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद यह मार्ग शहर के प्रमुख और व्यवस्थित यातायात कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा।
चौड़ीकरण जनहित के लिए
लोगों का भी यह समाधाना होगा कि यह सड़क चौड़ीकरण और नालियों का काम जनहित के लिए ही है। जो कब्जे हुए हैं उन्हें हटाने में सहयोग करना ही होगा। बिजली के खंबे बिजली विभाग द्वारा ही लगाए गए हैं। अब इन्हें हटाने के लिए बिजली विभाग राशि मांग रहा है। व्यवस्थित और सही काम हो इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
– सुशांत शुक्ला, बेलतरा विधायक






