बिलासपुर 30 मई 2026/ शहर के करबला क्षेत्र में पिछले चार दिनों से पेयजल संकट गहराता जा रहा है। खराब बोर और ग्राउंड वाटर लेवल नीचे जाने के कारण इलाके में पानी की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को मजबूरी में गंदा और बदबूदार पानी पीना पड़ रहा है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
दूषित पानी पीने को मजबूर लोग, निगम की व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार करबला, कुम्हारपारा स्कूल, दुर्गा बाड़ी और लाइफ केयर हॉस्पिटल रोड सहित आसपास के इलाकों में पानी की समस्या लगातार बनी हुई है। नगर निगम द्वारा अमृत मिशन के तहत पानी सप्लाई करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन मोहल्लेवासियों का कहना है कि नलों से आने वाला पानी पीला, मटमैला और बदबूदार है।
बोर खराब, मोटर भी नहीं हो सकी चालू
जानकारी के मुताबिक चार दिन पहले बोर खराब हो गया था। गुरुवार को बोर ठीक कराने का प्रयास किया गया, लेकिन केसिंग में तकनीकी दिक्कत आने के कारण काम अधूरा रह गया। इस दौरान बोर में मोटर भी नहीं डाली जा सकी, जिससे जलापूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई। नगर निगम के अधिकारियों का तर्क है कि ग्राउंड वाटर लेवल नीचे जाने के कारण पानी नहीं निकल रहा है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान निकालने के बजाय निगम केवल खानापूर्ति कर रहा है।
शिकायतों के बाद भी राहत नहीं
क्षेत्रवासियों ने पार्षद और जल विभाग के अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं, जबकि दूषित पानी पीने को मजबूर नागरिकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। वार्ड 34 की पार्षद रीता शंकर कश्यप ने कहा कि मोहल्ले के लोग लगातार शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। निगम कार्यालय में भी अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक नियमित जलापूर्ति बहाल नहीं हो सकी है।
निगम का दावा ; जल्द होगा समाधान
जल विभाग प्रभारी अनुपम तिवारी ने बताया कि पानी का लेवल नीचे जाने और केसिंग में परेशानी आने के कारण मोटर पंप नहीं लगाया जा सका। टीम को दोबारा भेजा जाएगा और समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमृत मिशन के तहत पानी की सप्लाई की जा रही है तथा पानी खराब होने की शिकायत की भी जांच कराई जाएगी। इधर मोहल्लेवासियों का कहना है कि जब तक साफ पेयजल की व्यवस्था नहीं होती, तब तक उन्हें खरीदकर पानी पीने और बीमारी के डर के बीच जीवन गुजारना पड़ेगा।





