Author: HD MAHANT

बिलासपुर। भारत के राष्ट्रपति द्वारा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 5 अतिरिक्त जस्टिस को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में स्थाई जस्टिस नियुक्त किए जाने के बाद सोमवार को चीफ जस्टिस के कोर्ट में इनका सुबह 10.30 बजे शपथग्रहण समारोह आयोजित किया गया है। जस्टिस इसमें स्थाई जज के रूप में शपथग्रहण लेंगे। उल्लेखनीय है कि भारत के राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के उपरांत छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पांच अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया है। आदेश प्राप्त होने के बाद 20 अप्रैल को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के कोर्ट में शपथग्रहण समारोह आयोजित किया गया है।…

Read More

बिलासपुर। शहर में भीषण गर्मी के बीच मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। एक निजी अस्पताल से मरीज को स्ट्रेचर पर ही सड़क पार कर सोनोग्राफी सेंटर ले जाया गया, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार मिश्रा नर्सिंग होम से मरीज को सोनोग्राफी के लिए भेजा गया, लेकिन इसके लिए एम्बुलेंस या समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई। परिजन मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाकर बीच सड़क से लेकर जाते दिखाई दिए। चिलचिलाती धूप में मरीज को बचाने के लिए केवल छाते का सहारा लिया गया, जो स्थिति की गंभीरता और…

Read More

छत्तीसगढ़ की माटी से जन्मे इस महान कवि का जन्म 30 सितंबर 1895 को महानदी के तट पर बसे ग्राम बालपुर (रायगढ़) में हुआ था। उन्होंने स्कूल की परीक्षा रायगढ़ से उत्तीर्ण की, परंतु अस्वस्थता के कारण आगे की पढ़ाई पूरी नहीं कर सके। उनकी कर्मस्थली रायगढ़ ही रही और वहीं रहते हुए वे साहित्य जगत के शिखर पर पहुँचे। हिंदी के अलावा संस्कृत, बंगला, अंग्रेज़ी और छत्तीसगढ़ी भाषाओं का भी उन्हें गहरा ज्ञान था। अपने लगभग 94 वर्षों के दीर्घ जीवन में उन्होंने साहित्य को अमूल्य योगदान दिया। द्विवेदी युग के शीर्षस्थ कवियों में उनकी गणना होती है तथा…

Read More

बिलासपुर के दलदली से उठी एक शादी की खुशबू ने पूरे इलाके को उत्सव में बदल दिया, जहां मानिकपुरी परिवार के शुभ अवसर पर आयोजित विवाह समारोह में रिश्तों की गर्माहट, परंपराओं की चमक और अपनेपन की झलक साफ दिखाई दी, विनय और अंजली के विवाह बंधन में बंधने के इस खास मौके पर गांव से लेकर शहर तक के लोग एक साथ नजर आए, कार्यक्रम में सूरज मानिकपुरी, भानू भाई और राजेश मानिकपुरी भी विशेष रूप से शामिल हुए और नवदंपत्ति को आशीर्वाद देकर खुशियों में चार चांद लगा दिए, शादी के पारंपरिक कार्यक्रमों की शुरुआत मंडपाच्छादन, तेल और…

Read More

सुरेश सिंह बैस “शाश्वत” भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में राशन कार्ड केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि करोड़ों गरीबों के जीवन का सहारा है। यह भूख और गरिमा के बीच की वह पतली रेखा है, जो राज्य की संवेदनशीलता को परिभाषित करती है। परंतु जब “मोटरसाइकिल रखने” जैसे मानकों के आधार पर गरीबों के अधिकारों पर प्रश्नचिह्न लगने लगें और दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों को निरंतर सुविधाएं मिलती रहें, तब यह प्रश्न केवल प्रशासनिक नहीं ,बल्कि न्याय, समानता और नैतिकता का बन जाता है। 1. पात्रता का प्रश्न: गरीबी की परिभाषा या प्रशासनिक सुविधा? हाल के वर्षों में विभिन्न राज्यों में राशन…

Read More

सुरेश सिंह बैस बिलासपुर 19 अप्रैल 2026/समाज के सामने कभी-कभी ऐसी खबरें (टीप :- कानपुर के समीप रतनपुर में पढ़ने वाली छात्रा का दसवीं की परीक्षा में अपेक्षा से कम अंक आने पर आत्महत्या ) आती हैं जो केवल सूचना नहीं होतीं, बल्कि एक आईना बनकर हमारी सामूहिक सोच, प्राथमिकताओं और संवेदनाओं की पोल खोल देती हैं। एक 16 वर्षीय छात्रा द्वारा केवल अपेक्षा से कुछ कम अंक आने पर जीवन समाप्त कर लेना, किसी एक परिवार की त्रासदी भर नहीं है…..यह हमारे पूरे शिक्षा तंत्र, पारिवारिक दबाव और सामाजिक मानसिकता की विफलता का जीवंत प्रमाण है। 95% की चाह…

Read More

बिलासपुर 19 अप्रैल 2026/ समग्र ब्राह्मण समाज एवं परशु सेना बिलासपुर द्वारा आयोजित भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव के चार दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिवस लोखंडी स्थित आशीर्वाद भवन में अंचल के प्रथम भगवान श्री परशुराम जी के विशाल विग्रह की विप्रजनों ने पूजा अर्चना एवं महाआरती की प्रसाद एवं स्वरूचि भोज का आयोजन किया गया।मंच के संगठन सचिव पं सुदेश दुबे साथी ने बताया कि प्रातः 11 बजे समाज सेवा में अग्रणी कान्यकुब्ज ब्राह्मण विकास मंच छत्तीसगढ़ द्वारा नवनिर्मित आशीर्वाद भवन तुर्काडीह रोड लोखंडी में भगवान श्री परशुराम जी मंदिर परिसर में मंच के प्रदेश पदाधिकारियों, एवं उपस्थित नगर एवं…

Read More

बिलासपुर 19 अप्रैल 2026/  नगर के वरिष्ठ एवं साहित्यकार एवं पत्रकार सुरेश सिंह बैस द्वारा रचित चर्चित पुस्तक “बोलती परछाइयां” का गरिमामयी लोकार्पण एवं भेंट समारोह शहर के संस्कार भवन में संपन्न हुआ। सुरेश सिंह बैस द्वारा डॉ विनय मोहन पाठक को “बोलती परछाइयां पुस्तक भेंट यह अवसर एक आत्मीय शिष्टाचार भेंट का था, जिसमें थावे यूनिवर्सिटी के कुलपति एवं छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ विनय कुमार पाठक को लेखक ने अपनी पुस्तक सप्रेम भेंट की।इस अवसर पर डॉ पाठक ने पुस्तक का औपचारिक लोकार्पण करते हुए इसके साहित्यिक गुणों की सराहना की। उन्होंने कहा कि “बोलती परछाइयां”…

Read More

सुरेश सिंह बैस “शाश्वत”18 अप्रैल 2026/ – हाल ही में सामने आए आंकड़े एक चौंकाने वाली सच्चाई उजागर करते हैं!हम जो बिजली बिल भरते हैं, उसका एक बड़ा हिस्सा केवल हमारी खपत का नहीं, बल्कि व्यवस्था की खामियों और बिजली चोरी की कीमत भी होता है। यह केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि नैतिकता, जवाबदेही और सामाजिक न्याय का प्रश्न बन चुका है। विश्लेषण के अनुसार, उपभोक्ता के कुल बिजली बिल में वास्तविक बिजली की लागत लगभग 55% ही होती है। शेष राशि में 29% तक “स्थायी शुल्क” और करीब 11% “पावर/रेगुलेटरी सरचार्ज” के रूप में वसूला जाता है। इसके अलावा…

Read More

एक छत्तीसगढ़ी प्रहसन नाटक – बाल विवाह ऊपर कटाक्ष) -सुरेश सिंह बैस “शाश्वत’18 अप्रैल 2026/ पात्र परिचय: मंगरू कका – परंपरा के नाम पर अड़े रहय्या गांव के बुजुर्ग रामसाय – गरीब किसान, अपन लइका के बिहाव जल्दी कराय बर उतावला पिंकी – 14 साल के चंचल लड़की (नाबालिग) मुन्ना – 15 साल के लड़का (नाबालिग), खेल-कूद म मगन सुनीता दीदी – आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, समझदार अउ जागरूक सरपंच जी – गांव के मुखिया गांव वाले (2-3) – हास्य अउ समर्थन बर दृश्य 1: गांव के चौपाल (मंगरू कका अउ रामसाय बैठे हें, अकती (अक्षय तृतीया) के चर्चा होवत हे) मंगरू…

Read More