Author: HD MAHANT

विचारधारा से प्रारम्भ हुई क्रान्ति लेवी, वसूली, लूटपाट एवं डकैती में परिवर्तित हो गई, इसलिए इसका अंत स्वाभाविक और सुनिश्चित था: बृजमोहन अग्रवाल मोदी, शाह और साय की रणनीति ने 60 साल के नासूर से देश और छत्तीसगढ़ को मुक्ति दिलाई नक्सलवाद को सामाजिक-आर्थिक समस्या बताकर संरक्षण देने वाले बेनकाब हुए: सांसद बृजमोहन छत्तीसगढ़ अब आसानी से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ बस्तर और आदिवासी क्षेत्रों में अब बहेगी शिक्षा, स्वास्थ्य, सडक, बिजली, पानी, राशन और रोजगार की बयार (लेखक श्री बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री एवं वर्तमान में रायपुर लोकसभा से सांसद हैं) ________________________________________ भय से विश्वास तक: एक युगांतकारी…

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बिलासपुर । पावन छत्तीसगढ़ महतारी के आँचल में बसे वीरांगना बिलासा की नगरी बिलासपुर की माटी की ऐसी विशिष्टता है कि यहाँ समाज साहित्य कला सेवा के लिए समर्पित अनेक विभूतियों ने जन्म लिया और स्वयं के साथ बिलासपुर ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है । इसके अंचल में जो भी आया वह अरपा मैया के प्रताप और यहाँ की पावन भूमि की महिमा ने उसे संवेदनशीलता से परिपूर्ण करके यहीं का बना दिया फिर इसके आँचल में जिन्होंने जन्म लिया,पले बढ़े उनके तो रग रग में इसका मया दुलार प्रवाहित होते रहता है । यहाँ की…

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रायपुर 4 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खेल की दुनिया में बड़ा धमाका होने जा रहा है—गांव की गलियों से निकलकर अब निशानेबाज़ सीधे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचेंगे, क्योंकि एलीट स्लिंगशॉट एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में पहली बार स्लिंगशॉट खेल को राज्य में संगठित पहचान मिल रही है और इसके पीछे प्रदेश अध्यक्ष दुर्जन सिंह धुर्वे (मार्शल दादा)का बड़ा विज़न साफ दिखाई दे रहा है, जिन्होंने साफ कहा है कि यह सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की छुपी प्रतिभाओं को दुनिया तक पहुंचाने का मिशन है, इसी कड़ी में 4वीं छत्तीसगढ़ स्टेट स्लिंगशॉट चैम्पियनशिप 2026 युवाओं के…

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सुरेश सिंह बैस “शाश्वत” 14 नवम्बर भारत के लिए विशेष महत्व का दिन होता है। इसी दिन 1889 में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का जन्म हुआ था। बच्चों के प्रति उनके अगाध स्नेह और लगाव के कारण यह दिन पूरे देश में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। बच्चे उन्हें स्नेहपूर्वक “चाचा नेहरू” कहते थे। नेहरू जी का व्यक्तित्व कोमलता और दृढ़ता का अद्भुत संगम था—गुलाब की पंखुड़ियों सी संवेदनशीलता और फौलाद जैसी इच्छाशक्ति। वे मानते थे कि बच्चे राष्ट्र की वास्तविक संपत्ति हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य में ही देश की प्रगति निहित है। नेहरू…

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बिलासपुर 4 अप्रैल 2026/ थाना कोटा अंतर्गत चौकी बेलगहना पुलिस ने घातक हथियारों के साथ लूट के प्रयास के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बिना नंबर की मोटरसाइकिल सहित धारदार हथियार भी जब्त किए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 की रात लगभग 10:30 बजे हरिल साय टोप्पों अपने साथियों निलिमा तिर्की एवं रामप्यारी तिर्की के साथ मरीज को अस्पताल में भर्ती कराकर वापस ग्राम विचारपुर लौट रहे थे। इसी दौरान बेलगहना-कोनचरा मार्ग के सुनसान जंगल क्षेत्र, नीलगिरी प्लांट के पास, बिना नंबर की मोटरसाइकिल…

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बिलासपुर 4 अप्रैल 2026/ भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए इच्छुक एवं पात्र युवाओं से 10 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला प्रशासन ने युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। भर्ती प्रक्रिया के तहत पुरुष अभ्यर्थी जनरल ड्यूटी, तकनीकी, लिपिक, स्टोरकीपर और ट्रेडमैन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं महिला अभ्यर्थियों 3 σ लिए सेना पुलिस तथा स्थायी कैडर में नर्सिंग असिस्टेंट के लिए सेना पुलिस तथा स्थायी कैडर में नर्सिंग असिस्टेंट, नर्सिंग असिस्टेंट (वेट) और सिपाही फार्मा के पद निर्धारित किए गए हैं। अभ्यर्थियों के लिए…

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बिलासपुर 4 अप्रैल 2026/ । नगर के विख्यात व वरिष्ठ साहित्यकार सुरेश सिंह बैस की छठवीं पुस्तक “बोलती परछाइयां” जो जीवन के अनमोल संस्मरणों सेझ सुसज्जित है। इस पुस्तक की समीक्षा करते हुए जबलपुर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉक्टर कौशल दुबे ने समीक्षा करते हुए कहा कि – व्यक्ति के मानस-पटल पर स्मृति के अनेक चित्र उभरते हैं। कुछ चित्र समय के साथ धुँधले होकर मिट जाते हैं पर, कुछ चित्र ऐसे होते हैं जो मिटाये नहीं मिटते और स्थायी बनकर रह जाते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर समादरित बिलासपुर के साहित्य मनीषी प्रियवर सुरेश सिंह बैस ” शाश्वत” ने “बोलती परछाइयाँ…

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बिलासपुर 3 अप्रैल 2026/ ग्राम हिरी में बारात के दौरान हुई मामूली कहासुनी के बाद आरोपित युवक के घर तक पहुंचे। युवकों ने युवक व उसके चाचा पर ईंट व डंडे से हमला कर घायल कर दिया। हमले में पीड़ित के हाथ और उसके चाचा के सिर पर गंभीर न चोटें आई हैं। पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर जांच बा शुरू कर दी है। मस्तूरी पुलिस के अनुसार, ग्राम , हिरीं निवासी विशाल साहू, रोजी-मजदूरी का काम करते है, उन्होंने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। घायल विशाल ने बताया कि गुरुवार रात करीब 1.30 बजे…

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सुरेश सिंह बैस “शाश्वत”3 अप्रैल 2026/ दीपावली मूलतः प्रकाश, आस्था और समृद्धि का पर्व है। यह फसल आगमन, नई ऋतु के स्वागत और धन की देवी लक्ष्मी की आराधना का उत्सव रहा है। समय के साथ इसमें आतिशबाज़ी और रंग-बिरंगे फटाकों का समावेश हुआ, जिसने उत्सव को दृश्यात्मक भव्यता प्रदान की। किंतु आतिशबाज़ी का इतिहास दीपावली से कहीं अधिक व्यापक और रोचक है। इसका मूल आधार है बारूद। इतिहासकारों के अनुसार बारूद का आविष्कार लगभग नौवीं शताब्दी में प्राचीन चीन में हुआ। कागज़, मुद्रण, कंपास और बारूद , इन चार महान आविष्कारों के लिए विश्व आज भी चीन का ऋणी है।चीनी…

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सुरेश सिंह बैस “शाश्वत”3 अप्रैल 2026/ भारत के वनांचल में यदि किसी वृक्ष को “जीवनदाता” कहा जाए, तो वह निस्संदेह महुआ है। विशेषकर छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचलों में महुआ केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि परिवार का अभिन्न सदस्य, आजीविका का मजबूत स्तंभ और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। हाल ही में प्रकाशित समाचार जिसमें महुआ के पेड़ों को आदिवासियों के लिए परिवार के सदस्य जैसा बताया गया है -वास्तव में उस गहरे संबंध को उजागर करता है, जिसे आधुनिक समाज अक्सर समझ नहीं पाता। महुआ का वैज्ञानिक नाम मधुका‌ लोंगीफोलिया है, और यह वृक्ष बहुउपयोगी होने के…

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