अब नहीं बनेगा आपराधिक प्रकरण
बिलासपुर 28 जून 2026/ रेल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए भारत सरकार ने ‘जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अधिनियम, 2026’ को 19 जून 2026 से लागू कर दिया है। नए कानून के तहत रेलवे अधिनियम की कई धाराओं में संशोधन किया गया है। अब बिना टिकट यात्रा, फर्जी अथवा हस्तांतरित (ट्रांसफर) टिकट का उपयोग, अनावश्यक चेन पुलिंग, रेलवे परिसर में भीख मांगना, अवैध विक्रय करना, नशे की हालत में उपद्रव करना, रेलवे कर्मचारियों के कार्य में बाधा डालना तथा रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे कई मामलों में पहले की तरह आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के बजाय आर्थिक दंड (जुर्माना) लगाया जाएगा। साथ ही जुर्माने की राशि भी पहले की तुलना में कई गुना बढ़ा दी गई है। पहले ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाता था। संशोधित कानून लागू होने के बाद निर्धारित जुर्माना जमा कर कई मामलों में लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिल सकेगी।
रेल सुरक्षा बल चला रहा जागरूकता अभियान
नए कानून की जानकारी आम यात्रियों तक पहुंचाने के लिए रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी प्रमुख स्टेशनों पर विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत स्टेशन परिसरों में पोस्टर लगाए जा रहे हैं, यात्रियों को पंपलेट वितरित किए जा रहे हैं तथा नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से संशोधित प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है।आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार अभियान का उद्देश्य यात्रियों को रेलवे अधिनियम, 1989 में किए गए संशोधनों से अवगत कराना तथा उन्हें नियमों के पालन के प्रति जागरूक बनाना है।
अनुशासन और सुरक्षा पर रहेगा विशेष जोर
रेलवे का कहना है कि देश के करोड़ों नागरिकों के लिए रेल यात्रा सबसे महत्वपूर्ण और किफायती परिवहन व्यवस्था है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा, रेल परिचालन की सुचारु व्यवस्था तथा रेलवे कर्मचारियों के कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है। संशोधित कानून का उद्देश्य दंड प्रक्रिया को अधिक सरल बनाते हुए रेलवे में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
यात्रियों से की गई यह अपील
रेल सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध टिकट लेकर यात्रा करें, रेलवे नियमों का पालन करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल रेलवे सुरक्षा बल या रेलवे हेल्पलाइन को दें। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता अभियान जारी रहेंगे, ताकि सुरक्षित, संरक्षित और जिम्मेदार रेल यात्रा की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके।
मुख्य बदलाव एक नजर में
19 जून 2026 से लागू हुआ जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अधिनियम-2026।
कई रेलवे अपराधों में आपराधिक प्रकरण के स्थान पर आर्थिक दंड का प्रावधान।
बिना टिकट यात्रा, फर्जी/ट्रांसफर टिकट, अनावश्यक चेन पुलिंग, अवैध विक्रय, भीख मांगना, नशे में उपद्रव सहित कई मामलों में संशोधित व्यवस्था।
जुर्माने की राशि पहले की तुलना में बढ़ाई गई।
सभी रेलवे स्टेशनों पर आरपीएफ द्वारा विशेष जन-जागरूकता अभियान जारी।





