बिलासपुर 11 मई 2026 /शहर के प्रमुख सब्जी बाजारों में शामिल बृहस्पति बाजार को हटाने और व्यापारियों को विस्थापित करने की निगम की कार्रवाई पर फिलहाल हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं। इससे सैकड़ों सब्जी व्यापारियों को अस्थायी राहत मिली है। जानकारी के अनुसार नगर निगम द्वारा बृहस्पति बाजार के लगभग 450 से अधिक चबूतरा एवं दुकान संचालकों को सात दिनों के भीतर स्थान खाली करने का नोटिस जारी किया गया था। निगम की ओर से व्यापारियों को नए स्थान पर शिफ्ट करने की बात कही गई थी, लेकिन व्यापारियों ने इस व्यवस्था को अव्यवस्थित और अधूरी बताते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। व्यापारियों का कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के वर्षों पुराने बाजार को हटाया जाना उचित नहीं है। नई जगह पर न तो पर्याप्त शेड की व्यवस्था है और न ही व्यापार संचालन के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा सुरक्षा, पार्किंग और ग्राहकों की सुविधा को लेकर भी व्यापारियों ने चिंता जताई है। याचिका में यह भी कहा गया कि निगम ने नोटिस जारी करने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया। नियमानुसार पर्याप्त समय दिए बिना ही व्यापारियों को सात दिन में हटने के निर्देश दे दिए गए, जिससे सैकड़ों परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने निगम की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगाते हुए वर्तमान स्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद व्यापारियों में राहत का माहौल है। उधर निगम प्रशासन का कहना है कि शहर में मल्टी लेवल आधुनिक सब्जी बाजार विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इसके तहत व्यापारियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया गया है। हालांकि अब तक पुनर्स्थापन और आवंटन को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन तैयार नहीं होने से विवाद की स्थिति बनी हुई है। व्यापारी संगठनों ने मांग की है कि किसी भी विस्थापन से पहले व्यवस्थित पुनर्वास, पर्याप्त सुविधाएं और व्यापार संचालन की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी प्रभावित न हो।






