छत्तीसगढ़

अधिवक्ताओं की भी जमीन सुरक्षित नहीं!, गुपचुप तरीके से बेच दी अधिवक्ता संघ की जमीन, सदस्यों ने अध्यक्ष से की शिकायत…

रायपुर। राजधानी रायपुर में बेंद्री ग्राम में रायपुर जिले अधिवक्ता संघ की जमीन को बिना जानकारी के बेचने का मामला सामने आया है. इस संबंध में अधिवक्ताओं ने रायपुर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हितेंद्र तिवारी से की है

शिकायतकर्ता अधिवक्ता सुलतान अहमद निजामिन ने बताया कि 2013 में अधिवक्ता संघ ने 64 लाख की जमीन खरीदी थी. आज 9 साल बाद उसे 45 लाख में विक्रय करना बता रहे है. एक तरफ सभी जगह जमीन के दाम बढ़ रहे हैं, और दूसरी ओर जमीन की कीमत कम कर दी गई है. यही नहीं बिक्री की सहमति भी नहीं ली गई है. इस संबंध में अध्यक्ष से मैंने शिकायत की है.

अधिवक्ता विजय राठौर ने बताया की पूर्व अधिवक्ता संघ अध्यक्ष ने अधिवक्ता आवास संघ बनाया था, उसके लिए 800 सदस्यों ने 10,000 हजार रुपए देकर आवेदन किया था. अब सदस्यों को बगैर बताएं जमीन को रजिस्ट्री के लिए पेश कर दिया है, जिसके खिलाफ हमने अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा है. इसके साथ दांडिक कार्रवाई के लिए आवेदन दिया है.

अधिवक्ता संस्कार जैन ने बताया कि रायपुर जिला अधिवक्ता संघ के लगभग 3500 से 4000 सदस्य हैं. कल्याण योजना के तहत प्लॉट लेने के लिए संस्था का 2013-14 में गठन किया गया था. 800 अधिवक्ताओं से 10,000 रुपए सदस्यता शुल्क प्लॉट आबंटन के लिए लिया था. इससे ग्राम बेंद्री में दो एकड़ जमीन क्रय की गई थी. उस समय जमीन की कीमत 64 लाख रुपए थी. आज उसी जमीन को मात्र 45 लाख रुपए में बेच दिया गया है. इसके पंजीयन के लिए दस्तावेज नया रायपुर स्थित रजिस्टार कार्यालय प्रस्तुत किया गया है, जिस पर वकीलों ने आपत्ति दर्ज कराई है.

अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हितेंद्र तिवारी ने बताया कि रायपुर गृह निवास समिति द्वारा कुछ वर्षों पहले जमीन खरीदी गई हैं, जिसके कार्य करने की जानकारी और शिकायत हमें प्राप्त हुई है. चूंकि इस गृह निवास समिति के सारे अधिवक्ता की जानकारी के बगैर जमीन का बिक्री हुई है. इस शिकायत पर उचित कार्रवाई की जाएगी.

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