सारंगढ़-बिलाईगढ़/भटगांव/ छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तैयारियों और किसानों की लंबित राशि को लेकर सियासत तेज हो गई है। बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता प्रवेश दुबे ने भाजपा सरकार से किसानों का कथित रूप से बकाया 6,066 करोड़ रुपये तत्काल जारी करने की मांग की है। उन्होंने राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त और धान की बकाया अंतर राशि का भुगतान दीपावली से पहले करने की मांग करते हुए कहा कि इससे किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी।
बकाया भुगतान में देरी से किसानों पर बढ़ रहा आर्थिक दबाव
प्रवेश दुबे ने कहा कि खेती-किसानी में खाद, बीज, कृषि उपकरण और अन्य जरूरी संसाधनों पर किसानों को बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है। ऐसे में लंबित राशि का समय पर भुगतान नहीं होने से उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ती हैं। उन्होंने सरकार से किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए बकाया भुगतान जल्द सुनिश्चित करने की मांग की।
धान खरीदी की व्यवस्था समय रहते दुरुस्त करने की मांग
कांग्रेस नेता ने पिछले वर्ष धान बेचने के दौरान किसानों को टोकन प्राप्त करने में हुई परेशानियों का उल्लेख करते हुए इस बार पहले से बेहतर व्यवस्था बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों पर टोकन वितरण, बारदाने की उपलब्धता, धान की तौल और परिवहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए भटकना न पड़े।
1 नवंबर से खरीदी शुरू करने की उठाई मांग
प्रवेश दुबे ने प्रदेश में 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने और 3,358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों की उपज खरीदने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा विपक्ष में रहते हुए भी 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की मांग करती थी। ऐसे में अब सरकार को किसानों के हित में समय पर खरीदी शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसानों को केवल आश्वासन देने से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। बकाया राशि का भुगतान, धान खरीदी की दर और खरीदी केंद्रों पर जरूरी सुविधाओं को लेकर सरकार को ठोस निर्णय लेना चाहिए। प्रवेश दुबे ने उम्मीद जताई कि सरकार किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करेगी।





