धमतरी, 21 जून। बढ़ते कार्यभार और मानसिक तनाव से जूझ रहे पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से धमतरी पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष योग शिविर का आयोजन किया। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के नेतृत्व में रक्षित केंद्र धमतरी में आयोजित इस सामूहिक योगाभ्यास का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से संतुलित और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
शिविर में आरक्षक सूजय मंडल एवं उनकी शिष्या कु. रूची साहू ने अधिकारियों और कर्मचारियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, ध्यान तथा श्वसन संबंधी अभ्यास कराए। प्रशिक्षण के दौरान योग के वैज्ञानिक, स्वास्थ्यवर्धक एवं मानसिक लाभों की जानकारी देते हुए बताया गया कि नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक एकाग्रता, सकारात्मक सोच और कार्यक्षमता भी बढ़ाता है।
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि योग केवल शरीर का व्यायाम नहीं, बल्कि मन और आत्मा को संतुलित रखने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते मानसिक तनाव और अवसाद जैसी समस्याओं को देखते हुए योग की उपयोगिता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट अनुलोम-विलोम करने का आग्रह करते हुए कहा कि यह छोटा-सा अभ्यास भी बेहतर स्वास्थ्य और मानसिक शांति की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि पुलिस लाइन रूद्री में पिछले एक वर्ष के दौरान यह दसवां योग जागरूकता एवं अभ्यास प्रशिक्षण शिविर रहा, जबकि सूजय मंडल एवं रूची साहू द्वारा संचालित यह चौथा विशेष योग प्रशिक्षण कार्यक्रम था। इससे धमतरी पुलिस द्वारा कर्मचारियों के स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन को लेकर लगातार किए जा रहे प्रयास भी सामने आए।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय, नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी, एसडीओपी कुरूद रागिनी मिश्रा, उप पुलिस अधीक्षक मीना साहू, उप पुलिस अधीक्षक यशकरण दीप ध्रुव, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा, जिले के सभी थाना प्रभारी तथा बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
जागरूकता संदेश: नियमित योग और प्राणायाम स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवन की कुंजी हैं। प्रतिदिन कुछ मिनट योग के लिए निकालें और स्वयं के साथ समाज को भी स्वस्थ एवं सुरक्षित बनाने में योगदान दें।











